दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने चिकित्सा उपकरणों और दवाओं की खरीद में देरी और सूचना छिपाने के मामले में विभाग के सचिव को फटकार लगाई है। उन्होंने सचिव के जवाब को 'असंतोषजनक' बताते हुए 17 अगस्त तक नया जवाब मांगा है।

मुख्य बातें

  • स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने सचिव रूपेश ठाकुर के जवाब को खारिज किया।
  • दवाओं, कंज्यूमेबल्स और मेडिकल उपकरणों की खरीद में देरी का मामला।
  • मंत्री ने 17 अगस्त तक विस्तृत और संशोधित रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया।
  • जांच का बहाना बनाकर जानकारी छिपाने पर जताई कड़ी नाराजगी।

दिल्ली के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री पंकज कुमार सिंह ने बुधवार को अपने विभाग के सचिव रूपेश ठाकुर द्वारा दिए गए जवाब को "पूरी तरह से असंतोषजनक" करार दिया। यह विवाद चिकित्सा उपकरणों, दवाओं और अन्य आवश्यक वस्तुओं की खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और देरी को लेकर उपजा है।

मंत्री ने सचिव को एक कारण बताओ नोटिस जारी किया था, क्योंकि विभाग द्वारा दवाओं, कंज्यूमेबल्स और मेडिकल उपकरणों की लंबित खरीद पर कोई ठोस कार्य योजना प्रस्तुत नहीं की गई थी। बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद, सचिव द्वारा दी गई जानकारी को मंत्री ने अधूरा और टालमटोल वाला माना है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह मामला दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही से सीधे जुड़ा है। यदि चिकित्सा उपकरणों और दवाओं की खरीद में देरी होती है, तो इसका सीधा असर सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं पर पड़ता है। सचिव द्वारा जानकारी साझा न करना प्रशासनिक शिथिलता की ओर इशारा करता है।

सरकारी रिकॉर्ड में उपलब्ध जानकारी को जांच का बहाना बनाकर रोकना प्रशासनिक अनुशासनहीनता का संकेत है।

मंत्री सिंह ने स्पष्ट किया कि केवल यह कहना कि मामला जांच एजेंसियों के अधीन है, आधिकारिक रिकॉर्ड में उपलब्ध तथ्यात्मक जानकारी को रोकने का आधार नहीं हो सकता। उन्होंने मांग की है कि खरीद दरों, GST, लैंडेड लागत, मात्रा और आपूर्ति आदेशों जैसे महत्वपूर्ण विवरण तुरंत साझा किए जाएं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

दिल्ली में चिकित्सा खरीद और स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे का प्रबंधन अक्सर राजनीतिक और प्रशासनिक विवादों के केंद्र में रहा है। दवाओं की कमी और उपकरणों की अनुपलब्धता को लेकर समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग को सवालों का सामना करना पड़ा है।

क्या आप जानते हैं?: सरकारी खरीद में 'लैंडेड कॉस्ट' का अर्थ है वस्तु को कारखाने से लेकर अस्पताल के गोदाम तक पहुंचाने की कुल लागत, जिसमें कर और परिवहन शामिल होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. मंत्री ने सचिव को क्या निर्देश दिए हैं?
मंत्री ने सचिव को 17 अगस्त तक एक संशोधित और व्यापक जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

2. विवाद का मुख्य कारण क्या है?
विवाद चिकित्सा उपकरणों और दवाओं की खरीद से संबंधित महत्वपूर्ण डेटा और कार्य योजना साझा न करने पर है।