गोवा विधानसभा में अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए राजनीतिक आरक्षण के केंद्र सरकार के फैसले ने राज्य में राजनीतिक तनाव पैदा कर दिया है। मराठा और भंडारी जैसे बड़े सामाजिक समूह इस फैसले के क्रियान्वयन पर सवाल उठा रहे हैं।

मुख्य बातें

  • केंद्र सरकार ने गोवा विधानसभा की 40 सीटों में से 4 सीटों को ST के लिए आरक्षित करने का निर्णय लिया है।
  • मराठा और भंडारी समुदायों ने जनगणना के बिना आरक्षण लागू करने का विरोध किया है।
  • प्रमुख समुदायों ने आरक्षण के लिए 'रोटेशन सिस्टम' (बारी-बारी से आरक्षण) की मांग की है।
  • यह विवाद आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले उभरा है।

गोवा में केंद्र सरकार द्वारा 40 सदस्यीय विधानसभा में अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए राजनीतिक आरक्षण अधिसूचित किए जाने के बाद राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस फैसले ने राज्य के दो सबसे बड़े सामाजिक समूहों—क्षत्रिय मराठा और भंडारी समुदायों को विरोध करने के लिए प्रेरित किया है।

इन समुदायों का तर्क है कि आरक्षण का कार्यान्वयन वर्तमान में चल रही जनगणना के परिणामों के आने के बाद ही किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि चूंकि पिछले 15 वर्षों में गोवा की जनसांख्यिकी में काफी बदलाव आया है, इसलिए बिना नए डेटा के आरक्षण लागू करना गलत होगा।

क्यों है यह महत्वपूर्ण?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह मुद्दा केवल आरक्षण का नहीं, बल्कि राज्य की सत्ता संरचना और जनसांख्यिकीय संतुलन का है। मराठा और भंडारी समुदाय मिलकर गोवा की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं। यदि आरक्षण का आधार पुरानी जनगणना रहती है, तो इन बड़े समुदायों को राजनीतिक प्रतिनिधित्व में नुकसान होने का डर है।

"बिना नई जनगणना और परिसीमन (Delimitation) के राजनीतिक कोटा लागू करना राज्य के सामाजिक संतुलन को बिगाड़ सकता है।"

क्षत्रिय मराठा समाज के अध्यक्ष सुहास फलदेसाई ने मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत को एक ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने मांग की है कि आरक्षण स्थायी न होकर 'रोटेशनल आधार' पर होना चाहिए, ताकि अन्य समुदायों के नेताओं को भी चुनाव लड़ने का मौका मिल सके।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

गोवा में 2003 में गौड़ा, कुनबी और वेलिप समुदायों को ST सूची में शामिल किया गया था। वर्तमान में, ST समुदाय राज्य की कुल जनसंख्या का लगभग 10.2% है, लेकिन विधानसभा में उनके लिए कोई आरक्षित सीट नहीं थी। केंद्र के नए अधिनियम, 2025 के तहत अब 4 सीटें आरक्षित की जाएंगी।

क्या आप जानते हैं?: गोवा में अनुसूचित जाति (SC) के लिए वर्तमान में केवल एक सीट (पेरनेम) आरक्षित है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. मराठा और भंडारी समुदाय की मुख्य मांग क्या है?
उनकी मांग है कि आरक्षण केवल नई जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया के बाद ही लागू किया जाए और इसे रोटेशन के आधार पर किया जाए।

2. गोवा में ST समुदाय की जनसंख्या कितनी है?
गोवा में अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय की जनसंख्या राज्य की कुल आबादी का लगभग 10.2% है।