ब्रिटेन में जेलों में बढ़ती भीड़ को कम करने के लिए लागू की जा रही नई योजना ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। पीसी एंड्रयू हार्पर के हत्यारों की संभावित रिहाई ने सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है।
मुख्य बातें
- ब्रिटेन सरकार जेलों में भीड़ कम करने के लिए कैदियों को सजा का एक-तिहाई हिस्सा पूरा करने पर रिहा करने की योजना बना रही है।
- पीसी एंड्रयू हार्पर के हत्यारों को इस योजना के तहत जल्द रिहाई मिल सकती है, जिससे जनता में आक्रोश है।
- प्रधानमंत्री एंडी बर्नम ने बलात्कारियों और बाल शोषण के दोषियों को इस योजना से बाहर रखने का फैसला किया है।
- विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रिहाई रोकी गई, तो ब्रिटिश जेल प्रणाली पूरी तरह चरमरा सकती है।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नम एक ऐसे राजनीतिक संकट में फंस गए हैं, जो सीधे तौर पर देश की न्याय प्रणाली और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा है। इंग्लैंड और वेल्स में जेलों में बढ़ती क्षमता से निपटने के लिए प्रस्तावित 'अर्ली रिलीज स्कीम' (जल्द रिहाई योजना) ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। विवाद की मुख्य वजह यह है कि इस योजना के तहत 2019 में शहीद हुए पुलिस कांस्टेबल एंड्रयू हार्पर के हत्यारों को भी रिहा किया जा सकता है।
क्या है पूरा विवाद?
केयर स्टार्मर के कार्यकाल के दौरान पारित सेंसिंग एक्ट 2026 के तहत, इंग्लैंड और वेल्स में निश्चित सजा काट रहे कैदियों को उनकी सजा का केवल एक-तिहाई हिस्सा पूरा करने के बाद रिहा किया जा सकेगा। यह योजना अक्टूबर से लागू होनी है। हालांकि, पीसी हार्पर के मामले में, उनके हत्यारों (अल्बर्ट बाउवर्स और जेसी कोल) को manslaughter (गैर इरादतन हत्या) का दोषी पाया गया था। वर्तमान नियमों के तहत उन्हें अपनी सजा का दो-तिहाई हिस्सा पूरा करना होता, लेकिन नई योजना उन्हें जून 2027 में ही बाहर ला सकती है।
बर्नम सरकार की प्रतिक्रिया
जनता के भारी आक्रोश और पुलिस अधिकारियों के विरोध के बाद, प्रधानमंत्री बर्नम ने योजना में कुछ बदलाव किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि बलात्कार और गंभीर बाल यौन शोषण के दोषियों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इससे पात्र कैदियों की संख्या 6,000 से घटकर लगभग 5,000 रह गई है। हालांकि, manslaughter के दोषियों को अभी भी इस छूट से बाहर नहीं किया गया है, जो कि इस विवाद की सबसे बड़ी कड़ी बनी हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जेलों की क्षमता बढ़ाने के अन्य तरीके जैसे विदेशी अपराधियों को जल्दी हटाना या महिला जेलों को पुरुष जेलों में बदलना केवल अस्थायी समाधान हैं।
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, ब्रिटेन इस समय एक दोराहे पर खड़ा है: या तो वह कानून के सख्त पालन के जरिए जेलों के ढहने का जोखिम उठाए, या फिर अपराधियों की जल्द रिहाई के जरिए जनता के विश्वास को खो दे।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
ब्रिटेन की जेल प्रणाली लंबे समय से क्षमता की कमी से जूझ रही है। पश्चिमी यूरोप में ब्रिटेन की कारावास दर सबसे अधिक में से एक है। सरकारों ने हमेशा भीड़ कम करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं, लेकिन वर्तमान संकट ने नीतिगत विफलता को उजागर कर दिया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. नई जेल योजना कब से लागू होगी?
यह योजना अक्टूबर 2026 से लागू होने की उम्मीद है।
2. क्या बलात्कारियों को रिहा किया जाएगा?
नहीं, प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया है कि बलात्कार और बाल शोषण के दोषियों को इस योजना से बाहर रखा गया है।