झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन 20वें दिन भी जारी है। छात्र अब सीबीआई जांच और पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।
मुख्य बिंदु
- छात्रों का विरोध प्रदर्शन रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 20वें दिन भी जारी है।
- मुख्य मांगें: सीबीआई जांच, परीक्षाओं का रद्द होना और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता।
- पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सीबीआई जांच न होने पर भूख हड़ताल की चेतावनी दी है।
- पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प के बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
रांची: झारखंड में सरकारी नौकरियों की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। 'JPSC-JSSC सुधार मंच' के नेतृत्व में चल रहा यह आंदोलन गुरुवार, 13 अगस्त 2026 को अपने 20वें दिन में प्रवेश कर गया है। छात्र तब तक पीछे हटने को तैयार नहीं हैं जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।
प्रमुख मांगें और राजनीतिक घमासान
प्रदर्शनकारी छात्र रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में डटे हुए हैं। उनकी प्रमुख मांगों में भर्ती परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता लाना, संदिग्ध परीक्षाओं को रद्द करना और मामले की जांच के लिए CBI या राज्य से बाहर के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के पैनल का गठन करना शामिल है।
इस मुद्दे ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर सीबीआई जांच की मांग नहीं मानी गई, तो वे स्वयं भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे। वहीं, ABVP ने इस मुद्दे पर राज्य के 1,200 से अधिक विश्वविद्यालयों में विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।
BozokMedia विश्लेषण: क्यों महत्वपूर्ण है यह आंदोलन?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक छात्र आंदोलन नहीं है, बल्कि झारखंड के युवाओं के भविष्य और सरकारी संस्थाओं की विश्वसनीयता का सवाल है। यदि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं आती है, तो राज्य के शिक्षित युवाओं का तंत्र से भरोसा उठ जाएगा।
भर्ती परीक्षाओं में धांधली न केवल युवाओं का भविष्य बर्बाद करती है, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की नींव को भी कमजोर करती है।
मामले में तनाव तब और बढ़ गया जब सोमवार को विधानसभा की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस का प्रयोग किया। इसके बाद भाजपा ने राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर विवाद पुराना है। 2024 में एक्साइज कांस्टेबल शारीरिक परीक्षा के दौरान हुई मौतों ने छात्रों के गुस्से को और भड़का दिया था, जिसमें 19 लोगों की जान चली गई थी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. छात्र मुख्य रूप से क्या मांग कर रहे हैं?
छात्र भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, संदिग्ध परीक्षाओं को रद्द करने और सीबीआई द्वारा स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं।
2. सरकार का इस पर क्या रुख है?
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि उनकी सरकार सुधारों के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन उन्होंने भाजपा पर आंदोलन का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है।