कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और आरएसएस पर बेहद कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस अब पूंजीपतियों के हाथों का खिलौना बन गया है और विपक्ष अब सरकार को चैन की नींद नहीं सोने देगा।

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मुख्य बातें

  • राहुल गांधी ने आरएसएस को 'बड़े पूंजीपतियों का हथियार' बताया।
  • प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह पर तीखा व्यक्तिगत हमला किया।
  • आरएसएस के मूल स्वरूप के खत्म होने का दावा किया।
  • चीन सीमा विवाद और विदेश नीति पर सरकार को घेरा।

नई दिल्ली के मावलंकर हॉल में आयोजित 'रचनात्मक कांग्रेस कन्वेंशन' के दौरान कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने न केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को निशाने पर लिया, बल्कि आरएसएस के बदलते स्वरूप पर भी गंभीर सवाल उठाए।

राहुल गांधी ने कहा कि आरएसएस अब वह संगठन नहीं रहा जो कभी छोटे व्यापारियों और मध्यम वर्ग की आवाज हुआ करता था। उन्होंने आरोप लगाया कि आज आरएसएस पर बड़े पूंजीपतियों का कब्जा है और यह अब केवल अडानी जैसे उद्योगपतियों के हितों की रक्षा करने वाला एक हथियार मात्र बनकर रह गया है। उन्होंने कहा, "आरएसएस अब बड़े पूंजीपतियों का नौकर बन गया है।"

क्यों महत्वपूर्ण है यह बयान?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, राहुल गांधी का यह बयान केवल राजनीतिक बयानबाजी नहीं है, बल्कि यह आरएसएस की वैचारिक पकड़ और उसके आर्थिक संबंधों को चुनौती देने की एक सोची-समझी रणनीति है। विपक्ष अब सीधे तौर पर 'पूंजीपति बनाम जनता' का नैरेटिव सेट करने की कोशिश कर रहा है।

"आरएसएस अब अपने मूल रूप में खत्म हो चुका है; यह अब केवल बड़े कॉरपोरेट घरानों का एक उपकरण है।" - राहुल गांधी

प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह पर हमला करते हुए राहुल ने कहा कि विपक्ष की बढ़ती सक्रियता के कारण सरकार के भीतर बेचैनी है। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार अब चैन से नहीं सो पाएगी। उन्होंने अमित शाह की संसद में अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए और कहा कि वे भारत की बदलती आवाज सुनने से डर रहे हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

आरएसएस की स्थापना 1925 में केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा की गई थी। लंबे समय तक यह एक सांस्कृतिक संगठन के रूप में जाना जाता था, लेकिन पिछले एक दशक में सत्ता के साथ इसके बढ़ते जुड़ाव ने राजनीतिक विशेषज्ञों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है।

क्या आप जानते हैं?: राहुल गांधी ने दावा किया कि उन्हें मोदी कार्यालय के भीतर से भी विद्रोह की खबरें मिल रही हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. राहुल गांधी ने आरएसएस पर क्या आरोप लगाया?
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि आरएसएस अब छोटे व्यापारियों की आवाज नहीं रहा, बल्कि बड़े पूंजीपतियों और अडानी जैसे उद्योगपतियों का हथियार बन गया है।

2. राहुल गांधी ने मोदी और शाह के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि जब तक मोदी इस्तीफा नहीं देते और शाह पद नहीं छोड़ते, विपक्ष उन्हें चैन से सोने नहीं देगा।