कर्नाटक सरकार ने 'सरकारी परिसरों एवं सार्वजनिक संपत्ति उपयोग बिल, 2026' पेश किया है, जिसके तहत किसी भी संगठन को सरकारी स्कूल, कॉलेज या सार्वजनिक मैदान में कार्यक्रम करने से पहले अनुमति लेनी होगी। यह कदम विशेष रूप से RSS की सार्वजनिक गतिविधियों को नियंत्रित करने के इरादे से उठाया गया माना जा रहा है।

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मुख्य बिंदु

  • कर्नाटक सरकार नया बिल पेश कर रही है
  • सरकारी स्कूल, कॉलेज, मैदान में कार्यक्रम के लिए अनुमति आवश्यक होगी
  • बिल को RSS की सार्वजनिक गतिविधियों को नियंत्रित करने के रूप में देखा जा रहा है

राज्य के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने पहले ही सरकारी स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक जगहों पर RSS की गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की थी। अब उनके प्रस्ताव को विधायी रूप देने के लिए कर्नाटक कैबिनेट ने "कर्नाटक रेगुलेशन ऑफ यूज ऑफ गवर्नमेंट प्रिमाइसेज एंड पब्लिक प्रॉपर्टी बिल, 2026" पर चर्चा की।

प्रस्तावित कानून के तहत, किसी भी सामाजिक या राजनैतिक संगठन को सरकारी परिसरों या सार्वजनिक भूमि पर कार्यक्रम आयोजित करने से पहले संबंधित प्राधिकरण से लिखित अनुमति लेनी होगी। यह नियम सभी संगठनों पर समान रूप से लागू होगा, लेकिन राजनीतिक माहौल के कारण इसे विशेष रूप से RSS पर लक्षित माना जा रहा है।

Historical Background

RSS ने पिछले दशकों में कई बार सरकारी स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर शाखाएँ खोलने और प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने की कोशिश की है, जिससे कई राज्य सरकारें चिंतित रही हैं। कर्नाटक में 2023 में भी इस संबंध में कई विवाद उत्पन्न हुए थे, जब स्थानीय प्रशासन ने बिना अनुमति के आयोजित कार्यक्रमों को रोकने का प्रयास किया था।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that regulating the use of public property can curb the politicisation of educational institutions and ensure compliance with constitutional values. यह कदम सार्वजनिक संपत्तियों के उपयोग में पारदर्शिता लाने और संभावित सांप्रदायिक प्रभाव को सीमित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

"यह नया विधेयक सार्वजनिक संपत्ति के उपयोग को पारदर्शी बनाता है और सभी संगठनों के लिए समान नियम स्थापित करता है," कहा विशेषज्ञ.
क्या आप जानते हैं?: भारत में सबसे पहला सार्वजनिक संपत्ति उपयोग नियमन 1975 में महाराष्ट्र में लागू किया गया था, जिसका उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों में राजनीतिक हस्तक्षेप को रोकना था।

Frequently Asked Questions

  • क्या यह बिल केवल RSS को लक्षित करता है? नहीं, यह सभी संगठनों पर समान लागू होगा, लेकिन वर्तमान राजनीतिक माहौल में RSS को विशेष रूप से देखा जा रहा है।
  • अनुमति प्रक्रिया कितनी जटिल होगी? अनुमति के लिए लिखित आवेदन, कार्यक्रम का विवरण और सुरक्षा उपायों की पुष्टि आवश्यक होगी, जिससे प्रक्रिया में कुछ समय लग सकता है।