भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने तेलंगाना सरकार द्वारा नए स्मार्ट राशन कार्डों पर मुख्यमंत्री और नागरिक आपूर्ति मंत्री की तस्वीरें छापने पर कड़ा विरोध जताया है। पार्टी ने इस पर ₹100 करोड़ के खर्च का हवाला देते हुए CAG जांच की मांग की है।
मुख्य बिंदु
- BRS ने राशन कार्डों पर मुख्यमंत्री और मंत्री की तस्वीरों के उपयोग को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन बताया है।
- पार्टी ने इस पूरी प्रक्रिया पर ₹100 करोड़ के खर्च का आरोप लगाया है।
- BRS ने इस मामले की CAG द्वारा व्यापक ऑडिट की मांग की है।
- कांग्रेस पर 'दोहरे मापदंड' अपनाने का आरोप लगाया गया है।
हैदराबाद: भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने तेलंगाना सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने नए स्मार्ट राशन कार्डों के निर्माण में सार्वजनिक धन की बर्बादी का आरोप लगाते हुए कड़ा विरोध दर्ज किया है। BRS का कहना है कि मौजूदा राशन कार्डों को बदलकर नए कार्ड जारी किए जा रहे हैं, जिन पर मुख्यमंत्री और नागरिक आपूर्ति मंत्री की तस्वीरें छपी हुई हैं, जो सीधे तौर पर सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है।
विवादास्पद खर्च और ऑडिट की मांग
BRS के आधिकारिक प्रवक्ता और एमएलसी दासोजू स्रवन ने रविवार को एक बयान जारी करते हुए कहा कि सरकार ने क्लाउड सर्वर, विशेष वेबसाइटों, प्रिंटिंग, लेमिनेशन और 33 जिलों में परिवहन पर लगभग ₹100 करोड़ खर्च किए हैं। स्रवन ने मांग की है कि नए कार्डों के जारी होने की प्रक्रिया की CAG (नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक) द्वारा विस्तृत जांच की जानी चाहिए और उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए जिन्होंने नेताओं की तस्वीरें छापने की अनुमति दी।
कांग्रेस पर 'दोहरे मापदंड' का आरोप
पार्टी ने कांग्रेस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे 'दोहरा मापदंड' करार दिया है। स्रवन ने याद दिलाया कि 2021 में जब कोविड-19 टीकाकरण प्रमाणपत्रों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर छपी थी, तब कांग्रेस नेतृत्व (प्रियंका गांधी वाड्रा सहित) ने इसका कड़ा विरोध किया था। कांग्रेस के दबाव के कारण ही चुनाव आयोग को उत्तराखंड और गोवा जैसे राज्यों में टीकाकरण प्रमाणपत्रों से पीएम की फोटो हटानी पड़ी थी।
BRS का तर्क है कि सार्वजनिक धन का उपयोग नेताओं के प्रचार के लिए करना लोकतंत्र की नैतिकता के खिलाफ है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मुद्दा केवल प्रशासनिक त्रुटि का नहीं है, बल्कि यह चुनावी राजनीति और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग के बीच के संघर्ष को दर्शाता है। यदि इन कार्डों को चुनाव आचार संहिता के कारण रद्द किया जाता है, तो जनता के पैसे का एक और बड़ा नुकसान हो सकता है।
Frequently Asked Questions
1. BRS ने किस बात पर आपत्ति जताई है?
BRS ने राशन कार्डों पर मुख्यमंत्री और नागरिक आपूर्ति मंत्री की फोटो छपने पर आपत्ति जताई है।
2. BRS ने क्या मांग की है?
पार्टी ने इस पूरे मामले की CAG द्वारा ऑडिट और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।