बीआरएस नेता टी. हरीश राव ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी पर उन्हें निशाना बनाने और चरित्र हनन करने का आरोप लगाया है। उन्होंने सरकार से दिसंबर 2023 से धारा 22-ए के तहत प्रतिबंधित भूमि की सूची सार्वजनिक करने की मांग की है।
- हरीश राव ने CM रेवंत रेड्डी पर कांग्रेस सरकार के घोटालों को उजागर करने के कारण उन्हें लक्षित करने का आरोप लगाया।
- धारा 22-ए के तहत प्रतिबंधित भूमि की सूची सार्वजनिक करने की मांग ताकि कमीशनखोरी का पर्दाफाश हो सके।
- कांग्रेस सरकार पर 'ऋतु बीमा' और 'दलित बंधु' जैसी महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजनाओं को बंद करने का आरोप।
हैदराबाद में बीआरएस के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में डिप्टी फ्लोर लीडर टी. हरीश राव ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के खिलाफ तीखा हमला बोला है। राव का दावा है कि जब से उन्होंने सबूतों के साथ कांग्रेस सरकार के कथित घोटालों को जनता के सामने लाना शुरू किया है, तब से मुख्यमंत्री उन्हें व्यक्तिगत रूप से निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री तथ्यों का जवाब देने के बजाय चरित्र हनन और राजनीतिक उत्पीड़न का सहारा ले रहे हैं।
मीडिया से बात करते हुए हरीश राव ने आरोप लगाया कि उन्हें हर तीन महीने में किसी न किसी नए मुद्दे के जरिए निशाना बनाया जाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री के उन तंजों का जवाब दिया जिसमें राव की धार्मिक यात्राओं और अनुष्ठानों पर सवाल उठाए गए थे। राव ने चुनौती दी कि यदि मुख्यमंत्री के पास उनके द्वारा किसी तांत्रिक अनुष्ठान के प्रमाण हैं, तो उन्हें सार्वजनिक किया जाए, अन्यथा यह केवल कानूनी नोटिसों के डर से नाम न लेने की रणनीति है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह विवाद केवल दो नेताओं के बीच का व्यक्तिगत टकराव नहीं है, बल्कि तेलंगाना की राजनीति में 'कल्याणकारी योजनाओं' और 'भूमि प्रशासन' के इर्द-गिर्द केंद्रित एक बड़ा सत्ता संघर्ष है। बीआरएस खुद को जन-कल्याण का रक्षक और कांग्रेस को भ्रष्टाचार का केंद्र दिखाने की कोशिश कर रहा है।
भूमि विवादों पर बात करते हुए, राव ने धारा 22-ए के तहत प्रतिबंधित सूची में बड़ी मात्रा में भूमि शामिल करने के मुद्दे को उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जानबूझकर जमीनों को इस सूची में डाला है ताकि बाद में उन्हें नियमित करने के नाम पर भारी कमीशन वसूला जा सके।
"जब राजनीतिक विमर्श नीतिगत मुद्दों से हटकर व्यक्तिगत हमलों पर केंद्रित हो जाता है, तो यह अक्सर शासन की विफलताओं को छिपाने का प्रयास होता है।"
इसके अलावा, हरीश राव ने राज्य की प्रमुख योजनाओं जैसे ऋतु बीमा, कल्याण लक्ष्मी/शादी मुबारक और दलित बंधु को बंद करने या उनमें कटौती करने के लिए कांग्रेस सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि बीआरएस सरकार के दौरान ऋतु बंधु के तहत 14,743 करोड़ रुपये वितरित किए गए थे, जबकि वर्तमान सरकार ने इसमें भारी कटौती की है।
| योजना/अवधि | BRS सरकार (2022-23) | कांग्रेस सरकार (2024-25) |
|---|---|---|
| ऋतु बंधु वितरण | ₹14,743 करोड़ | ₹5,057 करोड़ |
| कल्याणकारी योजनाएं | पूर्ण क्रियान्वयन | कई योजनाएं बंद/कटौती |
Frequently Asked Questions
1. हरीश राव ने धारा 22-A के बारे में क्या मांग की है?
उन्होंने मांग की है कि 7 दिसंबर 2023 से इस प्रतिबंधित सूची में शामिल की गई सभी जमीनों की सूची सार्वजनिक की जाए ताकि भ्रष्टाचार उजागर हो सके।
2. कांग्रेस सरकार पर कौन सी योजनाएं बंद करने का आरोप है?
उन पर ऋतु बीमा, कल्याण लक्ष्मी, शादी मुबारक और दलित बंधु जैसी योजनाओं को बंद करने या उनमें कटौती करने का आरोप है।