कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गोवा में एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर कड़ा प्रहार किया है। खड़गे ने बीजेपी पर देशभक्ति का ढोंग करने और देश में नफरत फैलाने का गंभीर आरोप लगाया है।

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  • मल्लिकार्जुन खड़गे ने अमित शाह की उम्र और राजनीतिक अनुभव पर तंज कसा।
  • बीजेपी पर स्वतंत्रता संग्राम में योगदान न होने का आरोप लगाया।
  • गोवा कार्यक्रम में 'वंदे मातरम्' के केवल दो पैराग्राफ गाने पर नया विवाद शुरू।
  • बीजेपी को 'चोरों की सरकार' बताते हुए विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया।

गोवा में आयोजित एक कांग्रेस कार्यक्रम के दौरान पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। खड़गे ने अपने संबोधन में बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि जब वह पहली बार विधायक बने थे, तब अमित शाह बहुत छोटे थे, और आज वही उन्हें देशभक्ति का पाठ पढ़ा रहे हैं।

खड़गे ने बीजेपी के राष्ट्रवाद के दावों को खारिज करते हुए सवाल किया कि क्या बीजेपी के पूर्वजों ने देश की आजादी की लड़ाई में कोई भूमिका निभाई थी? उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया है, जबकि बीजेपी के नेताओं का ऐसा कोई इतिहास नहीं है। इस बयान को खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी साझा किया, जिससे राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह बयान केवल व्यक्तिगत हमला नहीं है, बल्कि कांग्रेस द्वारा बीजेपी के 'राष्ट्रवादी' नैरेटिव को चुनौती देने की एक सोची-समझी रणनीति है। खड़गे द्वारा 'अनुभव' और 'इतिहास' का कार्ड खेलना यह दर्शाता है कि कांग्रेस अब बीजेपी के वैचारिक आधार पर सीधा प्रहार कर रही है।

राजनीतिक शब्दावली में 'अनुभव' का हवाला देना अक्सर प्रतिद्वंद्वी की विश्वसनीयता को कम करने और अपनी वरिष्ठता स्थापित करने का एक तरीका होता है।

इसके अलावा, खड़गे ने बीजेपी की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि पीएम मोदी और अमित शाह की नीतियों ने देश का 'सत्यानाश' किया है। उन्होंने बीजेपी पर अन्य दलों के विधायकों को खरीदकर सरकार बनाने का आरोप लगाया और इसे अनैतिक करार दिया। उन्होंने उत्तराखंड का उदाहरण देते हुए बीजेपी को 'एंटी-इंडिया' और 'एंटी-रिलिजन' बताया, जहाँ उनके मंच का कथित तौर पर 'शुद्धिकरण' किया गया था।

इस कार्यक्रम के दौरान एक और विवाद तब खड़ा हुआ जब राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' के केवल दो पैराग्राफ गाए गए। इस घटना ने एक बार फिर राजनीतिक बहस छेड़ दी है, क्योंकि इससे पहले भी राहुल गांधी और सोनिया गांधी के खिलाफ इसी तरह के विवादों को लेकर शिकायतें दर्ज कराई गई थीं।

क्या आप जानते हैं?: 'वंदे मातरम्' मूल रूप से बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित एक उपन्यास 'आनंदमठ' का हिस्सा था, जिसे बाद में भारत का राष्ट्रीय गीत घोषित किया गया।

Frequently Asked Questions

1. मल्लिकार्जुन खड़गे ने अमित शाह के बारे में क्या कहा?
खड़गे ने कहा कि जब वह पहली बार विधायक बने थे, तब अमित शाह बच्चे थे, इसलिए उन्हें देशभक्ति सिखाने की जरूरत नहीं है।

2. गोवा कार्यक्रम में 'वंदे मातरम्' विवाद क्या है?
विवाद इस बात पर है कि कार्यक्रम में राष्ट्रगीत के केवल दो पैराग्राफ गाए गए, जिसे बीजेपी समर्थक राजनीतिक संदेश के रूप में देख रहे हैं।