कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गोवा में एक कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान भाजपा और आरएसएस को 'भारत विरोधी' बताते हुए उनके देशभक्ति के दावों को चुनौती दी है। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में कांग्रेस के योगदान और भाजपा की कथित निष्क्रियता के बीच तुलना की।

  • मल्लिकार्जुन खड़गे ने भाजपा और आरएसएस से पूछा कि उनके किस नेता ने स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया।
  • 'वंदे मातरम' विवाद के बाद खड़गे ने भाजपा को 'धर्म विरोधी' और 'देश तोड़ने वाला' बताया।
  • गोवा सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि कैबिनेट के 12 में से 10 मंत्री कांग्रेस के दलबदलू हैं।
  • खड़गे ने बाहरी राज्यों के अमीरों द्वारा गोवा की जमीन हड़पने पर चिंता जताई।

दक्षिण गोवा के वर्णा में बूथ स्तर के एजेंटों और कार्यकर्ताओं के कांग्रेस सम्मेलन को संबोधित करते हुए, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर जोरदार हमला बोला। खड़गे ने सीधे तौर पर सवाल किया कि आजादी की लड़ाई में भाजपा या आरएसएस के किन नेताओं ने वास्तव में योगदान दिया, और आरोप लगाया कि ये संगठन देशभक्ति का पाठ पढ़ाने के बजाय देश को बांटने का काम कर रहे हैं।

यह विवाद उस समय और गहरा गया जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोनिया गांधी पर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 'वंदे मातरम' के पूर्ण गायन को रोकने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। इसके जवाब में, खड़गे ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा राष्ट्रवाद को सर्वोपरि रखा है। उन्होंने उल्लेख किया कि महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू जैसे नेताओं ने अपना पूरा जीवन देश की आजादी के लिए समर्पित कर दिया, जबकि उनके अनुसार भाजपा और आरएसएस के पूर्वज अंग्रेजों के प्रति वफादारी व्यक्त कर रहे थे।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह बयान केवल एक राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप नहीं है, बल्कि 2027 के गोवा विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस द्वारा अपनी वैचारिक जमीन मजबूत करने की कोशिश है। देशभक्ति और ऐतिहासिक योगदान के मुद्दे को उठाकर कांग्रेस युवाओं और पुराने कार्यकर्ताओं को फिर से एकजुट करना चाहती है।

"स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को राजनीतिक हथियार बनाना भारतीय राजनीति में एक पुराना चलन है, लेकिन वर्तमान ध्रुवीकरण के दौर में यह और अधिक आक्रामक हो गया है।"

खड़गे ने गोवा की राजनीति पर चर्चा करते हुए भाजपा सरकार को 'चोरों की सरकार' करार दिया। उन्होंने दावा किया कि गोवा कैबिनेट के 12 मंत्रियों में से 10 पूर्व कांग्रेस सदस्य हैं, जिन्होंने दलबदल किया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से इन 'गद्दारों' को वोट न देने की अपील की और कहा कि भाजपा ने 'तोड़-फोड़' कर सत्ता हासिल की है।

इसके अलावा, उन्होंने गोवा की पारिस्थितिकी और संस्कृति पर बाहरी प्रभाव पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु और दिल्ली जैसे बड़े शहरों के अमीर लोग गोवा की जमीन खरीदकर लूट रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर कम हो रहे हैं।

क्या आप जानते हैं?: 'वंदे मातरम' मूल रूप से बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा लिखा गया था और यह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान एक प्रमुख प्रेरणा स्रोत बना रहा था।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: मल्लिकार्जुन खड़गे ने भाजपा को 'धर्म विरोधी' क्यों कहा?
खड़गे ने उत्तराखंड का उदाहरण देते हुए कहा कि जब वे वहां भाषण देते हैं, तो भाजपा समर्थकों द्वारा 'शुद्धिकरण' के लिए हवन किया जाता है, जो उनके अनुसार धर्म के विरुद्ध है।

प्रश्न 2: गोवा में कांग्रेस का मुख्य चुनावी मुद्दा क्या है?
कांग्रेस ने ड्रग्स की समस्या को खत्म करने, रोजगार सृजन, महंगाई कम करने और गोवा की पर्यावरण व संस्कृति की रक्षा करने का वादा किया है।