राहुल गांधी ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा UGC‑NET परीक्षा रद्द करने के बाद जवाबदेही की कड़ी मांग की। उन्होंने इसे "एक निष्कर्षण मशीन" कहा, जिससे छात्रों का समय, पैसा और मानसिक स्वास्थ्य बर्बाद हो रहा है।

मुख्य बिंदु

  • NTA ने UGC‑NET परीक्षा रद्द की
  • छात्रों को दोबारा परीक्षा देनी पड़ेगी
  • कांग्रेस ने NTA की नेतृत्व पर जवाबदेही की मांग की

राहुल गांधी का बयान

राहुल गांधी ने 17 अगस्त को X पर पोस्ट कर कहा, "यह अब शिक्षा प्रणाली नहीं, बल्कि एक निष्कर्षण मशीन है"। उन्होंने मोदी सरकार और NTA को दो महीने बाद त्रुटिपूर्ण प्रश्नपत्र रद्द करने के लिए आलोचना की।

NTA की नई परीक्षा शेड्यूल

नैशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 16 अगस्त को तीन विषयों – समाजशास्त्र, अंग्रेज़ी और वाणिज्य – के लिए पुनः परीक्षा की घोषणा की। अंग्रेज़ी की परीक्षा 9 सितम्बर को शिफ्ट 1 में, वाणिज्य की परीक्षा उसी दिन शिफ्ट 2 में, और समाजशास्त्र की परीक्षा 10 सितम्बर को शिफ्ट 1 में होगी।

छात्रों पर प्रभाव

हजारों अभ्यर्थी जिन्होंने कई सालों तक तैयारी की, फ़ॉर्म भरे, फीस जमा की और दूरस्थ केंद्रों तक यात्रा की, अब उन्हें फिर से तैयारी करनी पड़ेगी। गांधी ने कहा, "NTA गलती करता है लेकिन छात्र को सजा मिलती है"।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that repeated administrative lapses erode trust in India's higher education assessment system, potentially affecting India’s global academic reputation.

"एक विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली ही छात्र के भविष्य और देश की शैक्षणिक गुणवत्ता की गारंटी है," कहा शैक्षिक विश्लेषक डॉ. अंजली वर्मा।
Did You Know?: 2026 में UGC‑NET परीक्षा में कुल 87 विषयों में 1.2 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने भाग लिया था।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: किन विषयों की परीक्षा रद्द हुई?

उत्तर: समाजशास्त्र, अंग्रेज़ी और वाणिज्य।

प्रश्न 2: पुनः परीक्षा कब आयोजित होगी?

उत्तर: अंग्रेज़ी और वाणिज्य की परीक्षा 9 सितम्बर, समाजशास्त्र की परीक्षा 10 सितम्बर, 2026 को होगी।