विजयवाड़ा में APPSC कार्यालय के बाहर बेरोजगार JAC और छात्र संगठनों ने उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं, क्योंकि SIT रिपोर्ट में 2022 की ग्रुप-1 भर्ती में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की पुष्टि हुई है।

  • एसआईटी (SIT) रिपोर्ट में वाईएसआरसीपी सरकार के दौरान 2022 ग्रुप-1 भर्ती में बड़े घोटाले की पुष्टि हुई है।
  • बेरोजगार जेएसी (JAC) ने पूर्व सीएम वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी के विधायक पद से इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग की है।
  • प्रदर्शनकारियों ने टीडीपी-नीत एनडीए सरकार से परीक्षा रद्द कर नए सिरे से आयोजित कराने का आग्रह किया है।

आंध्र प्रदेश में एक बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक संकट के बीच, सोमवार, 17 अगस्त 2026 को विजयवाड़ा में आंध्र प्रदेश लोक सेवा आयोग (APPSC) कार्यालय के बाहर सैकड़ों बेरोजगार युवाओं, छात्र संगठनों और बेरोजगार संयुक्त कार्रवाई समिति (JAC) के सदस्यों ने भारी विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट में हुए चौंकाने वाले खुलासों के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विधायक वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी के तत्काल इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

यह पूरा विवाद वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) सरकार के कार्यकाल के दौरान आयोजित 2022 ग्रुप-1 भर्ती परीक्षाओं से जुड़ा हुआ है। हाल ही में सौंपी गई एसआईटी रिपोर्ट ने चयन प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं, हेरफेर और प्रक्रियात्मक खामियों की पुष्टि की है, जिससे नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों का लंबे समय से चल रहा संदेह सच साबित हुआ है।

बेरोजगार JAC के राज्य संयोजक शेख सिद्दीक ने पूर्व मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने संवैधानिक रूप से स्थापित APPSC को "YSRCPSC" में बदल दिया और बड़े पैमाने पर धांधली का मार्ग प्रशस्त किया। प्रदर्शनकारियों ने न केवल जगन मोहन रेड्डी के विधायक पद से इस्तीफे की मांग की, बल्कि उनकी तत्काल गिरफ्तारी और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से इस पूरे मामले की जांच कराने की भी मांग की।

पहलू2022 ग्रुप-1 भर्ती (YSRCP सरकार)प्रदर्शनकारियों की मांगें (TDP-NDA सरकार)
विश्वसनीयता और निष्पक्षताएसआईटी रिपोर्ट ने अनियमितताओं और हेरफेर की पुष्टि की।परीक्षा को पूरी तरह रद्द कर नए सिरे से आयोजित किया जाए।
APPSC की स्वायत्तता"YSRCPSC" के रूप में राजनीतिकरण करने का आरोप।संवैधानिक मर्यादा की बहाली और पारदर्शी सुधार।
जवाबदेहीकार्यकाल के दौरान कोई कार्रवाई नहीं की गई।वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी की गिरफ्तारी और सीबीआई जांच।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि राज्य लोक सेवा आयोगों की विश्वसनीयता शासन और युवाओं के भरोसे का एक महत्वपूर्ण स्तंभ होती है। आंध्र प्रदेश में, जहां सरकारी नौकरियां अत्यधिक प्रतिष्ठित हैं, ग्रुप-1 जैसी शीर्ष प्रशासनिक नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का समझौता व्यापक सामाजिक-राजनीतिक अशांति को जन्म देता है। टीडीपी-नीत एनडीए सरकार के सामने अब पिछली सरकार से विरासत में मिली इस प्रशासनिक गड़बड़ी को ठीक करने और वास्तविक उम्मीदवारों को न्याय दिलाने की दोहरी चुनौती है।

"लोक सेवा परीक्षाओं की शुचिता से समझौता नहीं किया जा सकता। जब राज्य की संस्थाएं अपनी विश्वसनीयता खो देती हैं, तो यह भविष्य के पूरे प्रशासनिक ढांचे को संकट में डाल देता है।" - एक वरिष्ठ प्रशासनिक विश्लेषक।

यह विरोध प्रदर्शन सत्तारूढ़ टीडीपी-नीत एनडीए गठबंधन और विपक्षी वाईएसआरसीपी के बीच चल रही राजनीतिक जंग को और तेज करता है। वर्षों से, आंध्र प्रदेश में नौकरी के इच्छुक उम्मीदवार परीक्षाओं में देरी, पेपर लीक और कथित भाई-भतीजावाद के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। एसआईटी के निष्कर्षों ने अब ठोस सबूत प्रदान किए हैं, जिससे युवाओं को व्यवस्था में बड़े बदलाव की मांग करने का मजबूत आधार मिला है।

प्रदर्शनकारियों ने वर्तमान टीडीपी-नीत एनडीए सरकार से कड़े कदम उठाने, दागी 2022 ग्रुप-1 भर्ती को पूरी तरह से रद्द करने और नए सिरे से पारदर्शी परीक्षाएं आयोजित करने की अपील की है। जैसे-जैसे राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है, सभी की निगाहें मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के प्रशासन पर टिकी हैं कि वे निर्दोष उम्मीदवारों के भविष्य को खतरे में डाले बिना इस प्रशासनिक संकट का समाधान कैसे करते हैं।

Did You Know?: आंध्र प्रदेश लोक सेवा आयोग (APPSC) का गठन 1956 में आंध्र सेवा आयोग और हैदराबाद लोक सेवा आयोग के विलय के बाद किया गया था, जिससे यह भारत के सबसे पुराने राज्य भर्ती निकायों में से एक बन गया।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: प्रदर्शनकारी जगन मोहन रेड्डी के इस्तीफे की मांग क्यों कर रहे हैं?
उत्तर 1: प्रदर्शनकारी उनके इस्तीफे की मांग इसलिए कर रहे हैं क्योंकि एक विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट में उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान आयोजित 2022 ग्रुप-1 भर्ती में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की पुष्टि हुई है।

प्रश्न 2: बेरोजगार JAC वर्तमान टीडीपी-नीत एनडीए सरकार से क्या मांग कर रही है?
उत्तर 2: जेएसी की मांग है कि धांधली वाली 2022 ग्रुप-1 परीक्षा को पूरी तरह रद्द किया जाए, नए सिरे से पारदर्शी परीक्षा आयोजित की जाए और इस पूरे घोटाले की सीबीआई जांच कराई जाए।