YSRCP महासचिव लेल्ला अप्पी रेड्डी ने चुनाव आयोग से आग्रह किया है कि मतदाता सूची संशोधन के दौरान विदेश में रहने वाले छात्रों और प्रवासियों के लिए सत्यापन प्रक्रिया को सरल बनाया जाए।

  • YSRCP ने आंध्र प्रदेश के बाहर या विदेश में रहने वाले मतदाताओं के लिए वैकल्पिक सत्यापन की मांग की है।
  • रिश्तेदारों द्वारा दस्तावेज जमा करने और वीडियो-कॉल सत्यापन को औपचारिक बनाने का प्रस्ताव।
  • पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विसंगति सूचियों (Discrepancy Lists) के बूथ-वार प्रकाशन की मांग।

YSR कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने आंध्र प्रदेश में चल रहे मतदाता सूची संशोधन की प्रक्रिया को लेकर गंभीर चिंताएं जताई हैं। पार्टी के महासचिव और MLC लेल्ला अप्पी रेड्डी ने आंध्र प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को एक प्रतिवेदन सौंपा है, जिसमें राज्य से बाहर रहने वाले नागरिकों के मतदान अधिकारों की रक्षा करने का आग्रह किया गया है।

मुख्य मुद्दा सत्यापन की वह सख्त प्रक्रिया है जिसमें मतदाताओं की व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य होती है। श्री अप्पी रेड्डी ने तर्क दिया कि अन्य राज्यों या विदेशों में शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्र और रोजगार के लिए बाहर रहने वाले लोग केवल इसलिए अपने लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित नहीं होने चाहिए क्योंकि वे व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकते। उन्होंने प्रस्ताव दिया कि यदि संबंध का प्रमाण और उचित प्राधिकरण हो, तो माता-पिता या करीबी रक्त संबंधियों को मतदाता की ओर से मूल दस्तावेज जमा करने की अनुमति दी जानी चाहिए।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि मतदाता सूची की छंटनी अक्सर युवाओं और प्रवासियों को अधिक प्रभावित करती है, जो स्वाभाविक रूप से अधिक गतिशील होते हैं। यदि एक समान और डिजिटल-अनुकूल सत्यापन प्रक्रिया स्थापित नहीं की जाती है, तो हजारों पात्र मतदाता अनजाने में सूची से बाहर हो सकते हैं, जिससे क्षेत्र के लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व पर असर पड़ सकता है।

इसके अलावा, YSRCP नेता ने जमीनी स्तर पर मौजूद विसंगतियों की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि कुछ क्षेत्रों में अनौपचारिक रूप से वीडियो-कॉल सत्यापन स्वीकार किया जा रहा है, जबकि अन्य जगहों पर नहीं। उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की कि इस प्रक्रिया के लिए एक समान कानूनी ढांचा तैयार किया जाए ताकि धोखाधड़ी को रोका जा सके और पहुंच सुनिश्चित हो सके।

"लोकतांत्रिक समावेशिता इस बात पर निर्भर करती है कि राज्य अपनी सत्यापन प्रणालियों को वैश्विक कार्यबल और छात्र आबादी की वास्तविकताओं के अनुसार कैसे ढालता है।"

सत्यापन में राहत के अलावा, YSRCP ने मतदाता सूची के प्रशासन में अधिक पारदर्शिता की मांग की है। पार्टी ने 'विसंगति/अनमैप्ड सूची' (Discrepancy/Unmapped List) और नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं के विवरण को बूथ-वार प्रकाशित करने का अनुरोध किया है। इससे बूथ स्तर के एजेंटों (BLAs) को प्रभावित मतदाताओं की मदद करने में आसानी होगी।

पार्टी ने यह भी जोर दिया कि केवल सत्यापित डुप्लिकेट प्रविष्टियों को ही हटाया जाए। साथ ही, उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी पात्र मतदाता को उचित नोटिस, सत्यापन और अपनी पात्रता साबित करने के उचित अवसर के बिना मतदाता सूची से बाहर नहीं किया जाना चाहिए।

क्या आप जानते हैं?: भारत दुनिया के सबसे बड़े चुनावी अभ्यासों में से एक का संचालन करता है, और 'ओवरसीज वोटर' श्रेणी प्रवासी भारतीय नागरिकों को विशिष्ट पंजीकरण प्रक्रियाओं के माध्यम से वोट देने की अनुमति देती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: YSRCP द्वारा मांगी गई राहत के लिए कौन पात्र है?
यह राहत विशेष रूप से अन्य राज्यों या विदेशों में पढ़ रहे छात्रों और रोजगार के लिए अस्थायी रूप से बाहर रहने वाले व्यक्तियों के लिए मांगी गई है।

प्रश्न 2: सत्यापन के लिए कौन से वैकल्पिक तरीके सुझाए गए हैं?
सुझावों में रक्त संबंधियों को दस्तावेज जमा करने की अनुमति देना और वीडियो-कॉल सत्यापन के लिए एक समान कानूनी प्रक्रिया लागू करना शामिल है।