पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अन्नपूर्णा योजना के तहत ₹3,000 की मासिक सहायता के लिए एक नया 'दावा और आपत्ति' पोर्टल खोलने की घोषणा की है। यह कदम उन महिलाओं के लिए है जिनका आवेदन पिछले रिकॉर्ड की गड़बड़ियों के कारण खारिज कर दिया गया था।

  • 19 अगस्त से नया 'दावा और आपत्ति' पोर्टल शुरू होगा।
  • रिजेक्ट हुए आवेदक बिना नया फॉर्म भरे, पुराने फॉर्म नंबर और बैंक विवरण से आवेदन कर सकेंगे।
  • अपात्र लाभार्थियों की सूचना देने के लिए भी पोर्टल का उपयोग किया जा सकेगा।
  • वर्तमान में 1.45 करोड़ महिलाएं इस योजना का लाभ उठा रही हैं।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार अन्नपूर्णा योजना के तहत ₹3,000 की मासिक वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए एक समर्पित 'दावा और आपत्ति' (Claim and Objection) पोर्टल शुरू करने जा रही है। यह पोर्टल बुधवार, 19 अगस्त से लाइव हो जाएगा।

इस कदम का मुख्य उद्देश्य उन महिलाओं को राहत देना है जिनके आवेदन तकनीकी कारणों या पिछले डेटा में विसंगतियों की वजह से खारिज कर दिए गए थे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जिन महिलाओं के आवेदन रिजेक्ट हुए हैं, उन्हें दोबारा से पूरा नया फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं है। वे केवल अपने पुराने फॉर्म नंबर और बैंक खाते के विवरण का उपयोग करके पोर्टल पर अपना दावा दर्ज कर सकती हैं।

क्यों महत्वपूर्ण है यह निर्णय?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह निर्णय राज्य में कल्याणकारी योजनाओं के वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। मुख्यमंत्री ने पिछले प्रशासन की 'लक्ष्मी भंडार' सूची का उपयोग न करने के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि उस सूची में भारी अनियमितताएं थीं। उन्होंने दावा किया कि उस सूची में लगभग 3 लाख पुरुष लाभार्थी, गैर-नागरिक और मृत व्यक्ति शामिल थे, जो सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला था।

'सरकारी धन का दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा; हम सुनिश्चित करेंगे कि सहायता केवल पात्र महिलाओं तक ही पहुंचे।' - सुवेंदु अधिकारी

मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की है कि यदि वे किसी ऐसे व्यक्ति को देखते हैं जो उच्च आय (5 लाख से 10 लाख रुपये मासिक) होने के बावजूद इस योजना का लाभ ले रहा है, तो वे तुरंत पोर्टल पर इसकी रिपोर्ट करें। इससे योजना की शुचिता बनी रहेगी।

योजना का विस्तार और वर्तमान स्थिति

अधिकारी ने बताया कि योजना का दायरा जून में 28 लाख महिलाओं से शुरू होकर अब बढ़कर 1.45 करोड़ तक पहुंच गया है। योजना के तहत 25 से 60 वर्ष की आयु की महिलाएं पात्र हैं, बशर्ते उनके परिवार में कोई स्थायी सरकारी कर्मचारी न हो या उनकी वार्षिक आय 12 लाख रुपये से अधिक न हो। अगस्त महीने की किश्तें 20 अगस्त तक लाभार्थियों के खातों में पहुंच जाएंगी।

क्या आप जानते हैं?: पश्चिम बंगाल में अन्नपूर्णा योजना के तहत दी जाने वाली राशि का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र और सशक्त बनाना है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. क्या मुझे नया आवेदन फॉर्म भरना होगा?
नहीं, रिजेक्ट हुए आवेदक केवल अपने पुराने फॉर्म नंबर और बैंक विवरण के साथ पोर्टल पर दावा कर सकते हैं।

2. कौन इस योजना के लिए पात्र नहीं है?
जिन परिवारों की वार्षिक आय 12 लाख रुपये से अधिक है या जहां कोई स्थायी सरकारी कर्मचारी है, वे इस योजना के पात्र नहीं हैं।