दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के दौरान तकनीकी खामियों, BLO की लापरवाही और गलत जानकारी के कारण लाखों मतदाता संकट में हैं। लगभग 47.6 लाख लोगों को 'ASDDO' सूची में डाल दिया गया है, जिससे उनकी मतदान पात्रता पर सवाल उठ रहे हैं।

  • लगभग 47.6 लाख मतदाताओं को ASDDO (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लिकेट और अन्य) सूची में रखा गया है।
  • 32.8% मतदाताओं के नाम 24 अगस्त को प्रकाशित होने वाली ड्राफ्ट रोल में नहीं होंगे।
  • BLO की लापरवाही और तकनीकी त्रुटियों के कारण मतदाता पंजीकरण में बाधा आ रही है।
  • जिनका नाम छूट गया है, उन्हें 24 अगस्त से 23 सितंबर के बीच फॉर्म 6 जमा करना होगा।

नई दिल्ली: दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के समाप्त होने के बाद, चुनावी प्रक्रिया में भारी अव्यवस्था देखने को मिली है। बूथ स्तर के अधिकारियों (BLO) को अंतिम घंटों में ऑनलाइन जमा किए गए फॉर्मों को सत्यापित करने में भारी संघर्ष करना पड़ रहा है। इस प्रक्रियात्मक देरी और गलत सूचनाओं ने शहर के लाखों मतदाताओं को अनिश्चितता के घेरे में खड़ा कर दिया है।

आंकड़ों के अनुसार, सत्यापन चरण के अंत तक 97.5 लाख (67.2%) मतदाताओं के डेटा को डिजिटाइज़ और सत्यापित किया गया है। हालांकि, चिंताजनक बात यह है कि शेष मतदाताओं को ASDDO (Absent, Shifted, Dead, Duplicate and Others) सूची में डाल दिया गया है। इस सूची में लगभग 47.6 लाख मतदाता शामिल हैं, जिनमें से अधिकांश को 'स्थानांतरित' (Shifted) के रूप में चिह्नित किया गया है, जबकि करीब 10 लाख प्रविष्टियों को 'डुप्लिकेट' पाया गया है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि मतदाता सूची में इस तरह की बड़ी विसंगतियां लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता को कमजोर कर सकती हैं। यदि एक बड़ा हिस्सा (32.8%) ड्राफ्ट रोल से बाहर हो जाता है, तो यह न केवल चुनावी भागीदारी को प्रभावित करता है, बल्कि प्रशासन की दक्षता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

प्रशासनिक ढिलाई और तकनीकी त्रुटियों का मेल मतदाताओं के संवैधानिक अधिकारों के साथ खिलवाड़ कर सकता है।

मतदाताओं ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मालवीय नगर के एक 21 वर्षीय मतदाता, राज, ने बताया कि BLO ने उन्हें गलत समय सीमा बताकर पंजीकरण करने से मना कर दिया, जबकि चुनाव आयोग ने समय सीमा बढ़ा दी थी। वहीं, दक्षिण दिल्ली के शाहनूर मंसूरी जैसे कई अन्य युवाओं को आधार और वोटर आईडी के बीच डेटा मिसमैच के कारण तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा।

वर्तमान में, 1,500 से अधिक ऑनलाइन फॉर्म सत्यापन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। अधिकारियों का दावा है कि सभी प्रविष्टियों की जांच की गई है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। जिन मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट रोल में नहीं होंगे, उन्हें 24 अगस्त से 23 सितंबर के बीच 'दावा और आपत्ति' चरण के दौरान फॉर्म 6 और एक घोषणा पत्र जमा करना होगा।

Did You Know?: दिल्ली में मतदाता सूची का पुनरीक्षण एक जटिल प्रक्रिया है जिसमें लाखों डिजिटल रिकॉर्ड्स का मिलान भौतिक पते और पहचान पत्रों से किया जाता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: यदि मेरा नाम ड्राफ्ट रोल में नहीं है, तो मुझे क्या करना चाहिए?
उत्तर: आपको 24 अगस्त से 23 सितंबर के बीच फॉर्म 6 भरकर अपना नाम फिर से दर्ज कराना होगा।

प्रश्न 2: ASDDO सूची क्या है?
उत्तर: यह उन मतदाताओं की सूची है जो अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लिकेट या अन्य श्रेणियों में आते हैं।