नागरिक समाज संगठनों 'अदला' और 'असीम' ने चुनाव आयोग से मांग की है कि ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल प्रकाशित करने से पहले ASDD और 'अनकलेक्टिबल' श्रेणी के मतदाताओं को सुधार के लिए 15 दिन का समय दिया जाए।
- नागरिक समाज ने ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में त्रुटियों को सुधारने के लिए 15 दिन की बफर अवधि की मांग की है।
- विशेष गहन संशोधन (SIR) के दौरान 73 लाख से अधिक मतदाताओं को 'अनकलेक्टिबल' (संग्रह न किए जा सकने वाले) के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
- नाम हटाने से पहले निर्धारित प्रक्रिया का सख्ती से पालन करने और ऑनलाइन विकल्प देने की मांग।
लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए, नागरिक समाज संगठनों 'अदला' (Adalah) और 'असीम' (Aseem) ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) और तेलंगाना मुख्य निर्वाचन अधिकारी को एक औपचारिक पत्र लिखा है। इन संगठनों ने मांग की है कि ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल प्रकाशित करने से पहले ASDD (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लिकेट) और 'अनकलेक्टिबल' के रूप में वर्गीकृत मतदाताओं को अपनी स्थिति सुधारने के लिए 15 दिन का 'बफर पीरियड' दिया जाए।
यह मांग विशेष गहन संशोधन (SIR) के गणना चरण के समाप्त होने के बाद उठी है, जो 10 अगस्त को पूरा हुआ। रिपोर्टों के अनुसार, 73 लाख से अधिक मतदाताओं को 'अनकलेक्टिबल' बताया गया है। कार्यकर्ताओं का तर्क है कि बूथ स्तर के अधिकारियों (BLO) द्वारा फॉर्म एकत्र न कर पाना इस बात का पर्याप्त आधार नहीं है कि मतदाता स्थायी रूप से स्थानांतरित हो गया है या उसकी मृत्यु हो गई है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि बड़ी संख्या में मतदाताओं को 'अनकलेक्टिबल' श्रेणी में डालना प्रणालीगत मताधिकार हनन का कारण बन सकता है। यदि लाखों वैध मतदाताओं को बिना किसी ठोस अपील प्रक्रिया के हटा दिया जाता है, तो यह न केवल चुनावी परिणामों को प्रभावित करेगा बल्कि चुनावी प्रक्रिया में जनता के विश्वास को भी कम करेगा। विशेष रूप से किराएदारों और अस्थायी रूप से बाहर रहने वाले लोगों के लिए यह स्थिति अत्यंत जोखिम भरी है।
"यह बेहद अन्यायपूर्ण है कि जिस व्यक्ति ने पिछले चुनावों में मतदान किया हो, उसका नाम गलत तरीके से हटा दिया जाए; और उससे भी अधिक अन्याय यह होगा कि उसे फिर से नए मतदाता के रूप में पंजीकरण करने के लिए कहा जाए।"
संगठनों ने अनुरोध किया है कि 17 अगस्त के लिए निर्धारित ड्राफ्ट रोल प्रकाशन को दो सप्ताह के लिए स्थगित किया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने आवेदकों के लिए एक ऑनलाइन विकल्प की मांग की है ताकि वे अपनी स्थिति की जांच कर सकें और भौतिक रूप से BLO पर निर्भरता कम हो सके।
एक मुख्य मुद्दा फॉर्म 6 के उपयोग को लेकर है। अदला और असीम ने जोर देकर कहा है कि फॉर्म 6—जो आमतौर पर नए पंजीकरण के लिए होता है—का उपयोग मौजूदा मतदाताओं के लिए लागू विलोपन, अपील और बहाली प्रक्रियाओं के विकल्प के रूप में नहीं किया जाना चाहिए।
ऐतिहासिक रूप से, भारत में मतदाता सूची संशोधनों में अक्सर 'साइलेंट डिलीशन' (बिना सूचना के नाम हटाना) की शिकायतें रही हैं। पिछले चुनावी रिकॉर्ड के संरक्षण और बहाली के लिए एक पारदर्शी तंत्र की मांग करके, ये संगठन प्रशासनिक गलतियों के खिलाफ एक कानूनी सुरक्षा कवच बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: SIR के संदर्भ में 'अनकलेक्टिबल' का क्या अर्थ है?
इसका अर्थ उन मतदाताओं से है जिनके गणना फॉर्म बूथ स्तर के अधिकारी (BLO) द्वारा एकत्र नहीं किए जा सके, जिसका कारण मतदाता की अस्थायी अनुपलब्धता या BLO का पता न लगा पाना हो सकता है।
यह उन मतदाताओं को निवास और पहचान का प्रमाण देने का अवसर देती है जिन्हें गलती से हटाने के लिए चिह्नित किया गया है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि वे अंतिम सूची प्रकाशित होने से पहले अपने मताधिकार से वंचित न हों।