CPI(M) ने केरल की UDF सरकार पर राज्यपाल को प्रशासनिक नियंत्रण सौंपने का आरोप लगाते हुए इसे कांग्रेस के नेतृत्व में 'हिंदुत्व' की ओर झुकाव बताया है। पार्टी का कहना है कि यह संवैधानिक अधिकारों का आत्मसमर्पण है।
- CPI(M) ने आरोप लगाया कि UDF सरकार ने राज्यपाल को कार्यपालिका की शक्तियां सौंप दी हैं।
- पार्टी ने राज्यपाल द्वारा पुलिस प्रमुख को तलब किए जाने पर चुप्पी साधने की आलोचना की।
- CPI(M) ने कांग्रेस नेतृत्व पर 'सॉफ्ट हिंदुत्व' अपनाने का गंभीर आरोप लगाया है।
केरल की वामपंथी दल CPI(M) ने मंगलवार को कांग्रेस के नेतृत्व वाले United Democratic Front (UDF) सरकार पर तीखा हमला बोला। पार्टी ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार बिना किसी विरोध के प्रशासनिक नियंत्रण 'RSS-नियंत्रित' राजभवन (Lok Bhavan) को सौंप रही है।
CPI(M) के राज्य सचिव M.V. Govindan ने कहा कि यह बेहद चौंकाने वाला है कि राज्यपाल Rajendra Arlekar द्वारा राज्य पुलिस प्रमुख को तलब किए जाने पर UDF सरकार ने कोई आपत्ति दर्ज नहीं की। उन्होंने इसे निर्वाचित सरकार के संवैधानिक विशेषाधिकारों का उल्लंघन बताया।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह विवाद केवल केरल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह केंद्र और राज्यों के बीच संवैधानिक संतुलन और राज्यपाल की शक्तियों के दुरुपयोग की एक बड़ी बहस को जन्म देता है। यदि राज्य सरकारें राज्यपाल के हस्तक्षेप को स्वीकार करती हैं, तो यह संघीय ढांचे के लिए एक खतरनाक मिसाल हो सकती है।
UDF का राज्यपाल के सामने यह आत्मसमर्पण कांग्रेस के भीतर चल रहे गहरे राजनीतिक संकट और वैचारिक बदलाव का संकेत है।
गोविंदन ने पिछले LDF सरकार का उदाहरण देते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan ने राजभवन के मनमाने हस्तक्षेप को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए थे। उन्होंने कहा कि तत्कालीन सरकार ने विभागों के प्रमुखों को राज्यपाल के बिना अनुमति वाले समन का जवाब देने से रोक दिया था, ताकि संवैधानिक मर्यादा बनी रहे।
CPI(M) ने कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व पर 'मेजोरिटेरियन ड्रिफ्ट' (बहुसंख्यकवादी झुकाव) का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब धीरे-धीरे संघ परिवार के एजेंडे की नकल कर रही है। इसका प्रमाण स्वतंत्रता दिवस पर 'वंदे मातरम' के पूर्ण पाठ के दौरान देखा गया, जो नेहरू युग के समावेशी दृष्टिकोण से हटकर है।
पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि UDF सरकार ने विश्वविद्यालयों में राज्यपाल द्वारा अस्थायी कुलपति नियुक्त करने का विरोध नहीं किया, जो केरल के प्रगतिशील और धर्मनिरपेक्ष उच्च शिक्षा क्षेत्र में हिंदुत्व के प्रभाव को बढ़ाने का एक प्रयास है।
Frequently Asked Questions
1. CPI(M) का मुख्य आरोप क्या है?
CPI(M) का आरोप है कि UDF सरकार ने राज्यपाल को कार्यपालिका की शक्तियां सौंप दी हैं और कांग्रेस नेतृत्व हिंदुत्व की ओर झुक रहा है।
2. 'वंदे मातरम' विवाद का क्या संदर्भ है?
CPI(M) के अनुसार, कांग्रेस का पूर्ण पाठ गाना नेहरू द्वारा तय किए गए समावेशी दृष्टिकोण से अलग है और यह हिंदुत्व के एजेंडे का हिस्सा है।