विधान परिषद सदस्य ईवन डिसूजा ने ईसाई समुदाय के लिए ओबीसी श्रेणी के भीतर एक अलग उप-श्रेणी और 2% आरक्षण की मांग उठाई है। उन्होंने सरकार से इस समुदाय को शिक्षा और सरकारी नौकरियों में समान अवसर देने का आग्रह किया है।
- ईवन डिसूजा ने ईसाई समुदाय के लिए 2% आरक्षण की मांग की।
- उन्होंने मौजूदा '3B' श्रेणी के बजाय एक नई '2B' उप-श्रेणी बनाने का सुझाव दिया।
- मंत्री यू.टी. खदेर ने कहा कि निर्णय पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा लिया जाएगा।
- यरूशलेम तीर्थयात्रा के लिए सरकारी फंडिंग की भी मांग की गई।
कर्नाटक विधान परिषद के सदस्य ईवन डिसूजा ने हाल ही में सदन में एक महत्वपूर्ण मांग उठाई है। उन्होंने ईसाई समुदाय के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) श्रेणी के भीतर एक अलग उप-श्रेणी बनाने और इस समुदाय को 2% आरक्षण प्रदान करने का जोरदार आग्रह किया है।
डिसूजा ने तर्क दिया कि वर्तमान आरक्षण प्रणाली के तहत ईसाई समुदाय सरकारी नौकरियों और शिक्षा में पर्याप्त लाभ प्राप्त करने में असमर्थ है। वर्तमान में, ईसाई समुदाय '3B' श्रेणी के अंतर्गत आता है, जिससे उन्हें मुख्यधारा के अन्य समुदायों के साथ प्रतिस्पर्धा करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
आरक्षण संरचना में बदलाव की आवश्यकता
डिसूजा ने सरकार से आग्रह किया कि वे ईसाई समुदाय को एक अलग '2B' आरक्षण प्रदान करें, ठीक उसी तरह जैसे मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय को लाभ मिलता है। उनका कहना है कि यह कदम समुदाय के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए आवश्यक है।
ईसाई समुदाय को मुख्यधारा में लाने के लिए आरक्षण संरचना में बदलाव एक अनिवार्य कदम हो सकता है।
इस मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए, अल्पसंख्यक कल्याण, हज और वक्फ मंत्री यू.टी. खदेर ने स्पष्ट किया कि एक अलग उप-श्रेणी का निर्माण करना पिछड़ा वर्ग आयोग का अधिकार क्षेत्र है। उन्होंने समुदाय को अपनी मांग औपचारिक रूप से आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने की सलाह दी।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि कर्नाटक की राजनीति में अल्पसंख्यक आरक्षण का मुद्दा हमेशा से संवेदनशील रहा है। यदि ईसाई समुदाय को एक अलग उप-श्रेणी मिलती है, तो यह राज्य के सामाजिक न्याय ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव होगा और अन्य अल्पसंख्यकों के साथ तुलनात्मक बहस को जन्म दे सकता है।
Frequently Asked Questions
1. ईवन डिसूजा ने किस श्रेणी की मांग की है?
उन्होंने ईसाई समुदाय के लिए OBC के भीतर एक अलग '2B' उप-श्रेणी और 2% आरक्षण की मांग की है।
2. सरकार का इस पर क्या रुख है?
सरकार ने कहा है कि इस विषय पर निर्णय पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा लिया जाना चाहिए।