ऑल्ट न्यूज की एक जांच में खुलासा हुआ है कि भाजपा की नई सोशल मीडिया टीम के सदस्य अपने पुराने विवादास्पद X (ट्विटर) पोस्ट हटा रहे हैं या अपने अकाउंट निजी कर रहे हैं। यह कदम अमित मालवीय के कार्यकाल के बाद नई टीम के आगमन के साथ देखा जा रहा है।
- भाजपा की नई सोशल मीडिया टीम पुराने विवादास्पद X पोस्ट डिलीट कर रही है।
- अमित मालवीय के कार्यकाल के बाद नई टीम के आने से डिजिटल पदचिह्न साफ किए जा रहे हैं।
- कई नए आईटी सेल प्रमुखों ने अपने अकाउंट को प्राइवेट कर दिया है या पुराने पोस्ट छिपा दिए हैं।
हालिया मीडिया रिपोर्टों और ऑल्ट न्यूज (Alt News) की जांच के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नई सोशल मीडिया टीम द्वारा डिजिटल साक्ष्य मिटाने की एक व्यापक प्रक्रिया देखी जा रही है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नई नियुक्तियों के बाद, कई सोशल मीडिया हैंडल पर पुराने और विवादास्पद पोस्ट या तो पूरी तरह से हटा दिए गए हैं या उन्हें 'प्राइवेट' मोड में डाल दिया गया है ताकि उन्हें सार्वजनिक रूप से न देखा जा सके।
यह घटनाक्रम भाजपा के आईटी सेल में बड़े नेतृत्व परिवर्तन के ठीक बाद हुआ है। जहाँ पूर्व आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय के कार्यकाल को लेकर काफी चर्चा रही है, वहीं अब नए सोशल मीडिया प्रमुखों के रूप में नए चेहरों की एंट्री हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नए नियुक्त सदस्यों ने अपने पुराने 'समस्याग्रस्त' पोस्ट को हटाने के लिए सक्रिय रूप से अपने X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट्स को डीएक्टिवेट या प्राइवेट किया है।
नेतृत्व में बदलाव और डिजिटल सफाई
विभिन्न समाचार स्रोतों, जिनमें The Hindu और ThePrint शामिल हैं, ने इस बात की पुष्टि की है कि भाजपा की नई आईटी सेल टीम एक 'क्लीन स्लेट' (साफ स्लेट) के साथ काम करने की कोशिश कर रही है। रसायन विज्ञान के प्रोफेसर से लेकर भाजपा के नए सोशल मीडिया रणनीतिकार बनने तक का सफर तय करने वाले दीपक म्हस्के (Deepak Mhaskey) जैसे नए चेहरों के साथ, पार्टी अपनी डिजिटल छवि को पुनर्गठित कर रही है।
डिजिटल पदचिह्नों को मिटाना अक्सर भविष्य की जवाबदेही से बचने की एक रणनीतिक कोशिश होती है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि सोशल मीडिया पर सामग्री का अचानक गायब होना केवल व्यक्तिगत पसंद नहीं है, बल्कि यह राजनीतिक ब्रांडिंग का एक हिस्सा है। जब कोई नई टीम पुरानी विवादित सामग्री को हटाती है, तो उसका उद्देश्य पार्टी की छवि को 'अशोभनीय' या 'कठोर' टिप्पणियों से बचाना होता है ताकि मुख्यधारा की राजनीति में उनकी स्वीकार्यता बनी रहे।
यह बदलाव विशेष रूप से तब महत्वपूर्ण है जब चुनाव और डिजिटल प्रोपेगेंडा के दौर में हर एक पोस्ट का विश्लेषण किया जाता है। पुराने पोस्ट जो कभी पार्टी की विचारधारा का हिस्सा थे, अब वे 'समस्याग्रस्त' मानकर हटाए जा रहे हैं।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: भाजपा की आईटी सेल में क्या बदलाव हुए हैं?
उत्तर: अमित मालवीय के नेतृत्व के बाद नई टीम नियुक्त की गई है, जिसमें दीपक म्हस्के जैसे नए चेहरे शामिल हैं जो डिजिटल रणनीति को नया रूप दे रहे हैं।
प्रश्न 2: पोस्ट हटाने का मुख्य कारण क्या हो सकता है?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य पुराने विवादास्पद या अपमानजनक पोस्ट के कारण होने वाली आलोचना से बचना और एक नई, स्वच्छ डिजिटल छवि बनाना हो सकता है।