PM CARES फंड की नवीनतम ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, फंड का कुल कोष बढ़कर ₹8,452.07 करोड़ हो गया है। रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि केवल ब्याज से ही फंड में ₹470 करोड़ की वृद्धि हुई है।
- PM CARES फंड का कुल बैलेंस अब ₹8,452.07 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है।
- एक वित्तीय वर्ष के भीतर केवल ब्याज से ₹470 करोड़ की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
- घरेलू दान में 30% की गिरावट आई है, जबकि विदेशी योगदान भी कम हुआ है।
प्रधानमंत्री राहत कोष (PM CARES Fund) से जुड़े नवीनतम वित्तीय आंकड़ों ने देश में एक नई बहस छेड़ दी है। वित्तीय वर्ष 2024-25 की ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, 31 मार्च 2025 तक फंड का कुल कोष बढ़कर ₹8,452.07 करोड़ हो गया है। इस रिपोर्ट का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि फंड में हुई वृद्धि का एक बड़ा हिस्सा केवल ब्याज से आया है।
रिपोर्ट के विस्तृत विश्लेषण से पता चलता है कि पिछले एक वर्ष के दौरान फंड में ₹470 करोड़ की वृद्धि केवल जमा राशि पर मिलने वाले ब्याज के माध्यम से हुई है। यह दर्शाता है कि फंड में निवेश की गई राशि पर महत्वपूर्ण रिटर्न मिल रहा है। हालांकि, दान के पैटर्न में बदलाव देखा गया है; घरेलू डोनेशन में 30 फीसदी की कमी आई है, जो अब ₹479 करोड़ पर सिमट गया है।
बदलता दान पैटर्न और वित्तीय स्थिति
वित्तीय आंकड़ों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि न केवल घरेलू बल्कि विदेशी दान में भी गिरावट आई है। विदेशी दान में 18 फीसदी की कमी दर्ज की गई है, जो अब मात्र ₹92.8 लाख रह गया है। यह गिरावट सामाजिक और आर्थिक कारकों के कारण हो सकती है, लेकिन फंड के कुल कोष में वृद्धि का मुख्य कारण मौजूदा जमा राशि पर मिलने वाला ब्याज ही बना हुआ है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि PM CARES फंड का बढ़ता हुआ बैलेंस और ब्याज से होने वाली आय इसके वित्तीय प्रबंधन और निवेश रणनीतियों पर सवाल खड़े करती है। जहां एक ओर सरकार इसे आपदा प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण मानती है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक दलों द्वारा इसके उपयोग और पारदर्शिता को लेकर निरंतर सवाल उठाए जा रहे हैं।
फंड का बढ़ता हुआ ब्याज यह संकेत देता है कि बड़ी मात्रा में पूंजी निष्क्रिय रहने के बजाय निवेशित है, लेकिन इसके उपयोग की स्पष्टता अभी भी एक बड़ा मुद्दा है।
कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने इस डेटा के जारी होने पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने तंज कसते हुए कहा कि ₹8,452 करोड़ की यह राशि बेकार पड़ी हुई है, जिसका जनता की तत्काल जरूरतों के लिए प्रभावी उपयोग नहीं हो रहा है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
PM CARES Fund की स्थापना कोविड-19 महामारी के दौरान संकटकालीन राहत कार्यों के लिए की गई थी। यह एक सार्वजनिक धर्मार्थ कोष है, जिसे सरकार द्वारा प्रबंधित किया जाता है, लेकिन इसकी कानूनी स्थिति और पारदर्शिता को लेकर समय-समय पर विवाद होते रहे हैं।
Frequently Asked Questions
1. PM CARES फंड का कुल बैलेंस कितना है?
ताजा रिपोर्ट के अनुसार, फंड का कुल कोष ₹8,452.07 करोड़ है।
2. क्या फंड में वृद्धि दान से हुई है?
नहीं, रिपोर्ट के अनुसार एक साल में ₹470 करोड़ की वृद्धि केवल ब्याज से हुई है, जबकि घरेलू दान में गिरावट आई है।