कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने खुलासा किया है कि पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के जेल सेल में छापेमारी एक गुप्त सूचना के बाद की गई थी। प्रशासन अब जब्त किए गए मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच का इंतजार कर रहा है।
- प्रज्वल रेवन्ना के सेल से स्मार्टफोन, सिम कार्ड, पेन ड्राइव और डायरी बरामद हुई है।
- गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि छापेमारी किसी विशेष व्यक्ति को निशाना बनाकर नहीं की गई थी।
- कर्नाटक सरकार ने रेवन्ना को किसी भी प्रकार की वीवीआईपी (VVIP) सुविधा देने से इनकार किया है।
- लापरवाही के आरोप में तीन जेल अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने मंगलवार को विधानसभा में एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए बताया कि बेंगलुरु की परप्पाना अग्रहारा केंद्रीय जेल में पूर्व भाजपा सांसद प्रज्वल रेवन्ना के सेल में की गई छापेमारी एक गुप्त सूचना (tip-off) के आधार पर की गई थी। खरगे ने कहा कि इस ऑपरेशन को शुरू करने से पहले मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से विधिवत अनुमति ली गई थी।
यह मामला तब गरमाया जब 11 अगस्त को सीसीबी (CCB) द्वारा की गई जांच के दौरान रेवन्ना के कब्जे से एक Redmi स्मार्टफोन, सिम कार्ड, चार्जर, एक डायरी और एक ब्लैक SanDisk पेन ड्राइव बरामद हुई। इन प्रतिबंधित वस्तुओं की बरामदगी ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह मामला केवल एक मोबाइल फोन की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उच्च सुरक्षा वाली जेलों के भीतर अनुशासन और सुरक्षा प्रोटोकॉल के उल्लंघन को दर्शाता है। यदि फोरेंसिक रिपोर्ट में कोई आपत्तिजनक सामग्री मिलती है, तो यह जेल प्रशासन के लिए और अधिक कानूनी संकट पैदा कर सकता है।
'जेल के भीतर प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मौजूदगी सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़ी चूक है, जिसकी जांच अनिवार्य है।'
गृह मंत्री ने उन आरोपों को भी खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि रेवन्ना को वीवीआईपी (VVIP) सुविधाएं दी जा रही थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जेल में कैदियों को वीआईपी या सामान्य श्रेणियों में नहीं बांटा जाता है, बल्कि सुरक्षा और प्रशासनिक उद्देश्यों के लिए उन्हें वर्णानुक्रम (alphabetical order) में व्यवस्थित किया जाता है।
इस घटनाक्रम के बाद सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। सहायक अधीक्षक इरन्ना रंगपुर, जेलर राजेश धर्माटी और वार्डन महेश सज्जन को कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, बेंगलुरु केंद्रीय जेल के अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
प्रज्वल रेवन्ना, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते हैं। उन पर यौन शोषण के गंभीर आरोप लगे थे, जिसके बाद उन्हें मई 2024 में गिरफ्तार किया गया था। अगस्त 2025 में, एक बेंगलुरु विशेष अदालत ने उन्हें बलात्कार के मामले में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
Frequently Asked Questions
1. प्रज्वल रेवन्ना के पास से क्या-क्या सामान मिला है?
रेवन्ना के पास से एक स्मार्टफोन, सिम कार्ड, चार्जर, एक डायरी और एक पेन ड्राइव बरामद हुई है।
2. क्या सरकार रेवन्ना को वीवीआईपी सुविधाएं दे रही थी?
नहीं, गृह मंत्री ने स्पष्ट रूप से इन सभी दावों को खारिज कर दिया है।