कर्नाटक सरकार ने नगर निकायों को निजी सड़कों और नालियों का अधिग्रहण करने की शक्ति देने के लिए नए विधेयक पेश किए हैं। इन विधेयकों का उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
- कर्नाटक विधानसभा में दो नए संशोधन विधेयक पेश किए गए।
- नगर निगमों को खराब स्थिति वाली निजी सड़कों और नालियों को अपने नियंत्रण में लेने का अधिकार मिलेगा।
- पूर्व भूमि मालिकों को मुआवजे या विकास अधिकार प्रमाण पत्र (DRC) का दावा करने से रोका जाएगा।
- यह कदम सार्वजनिक सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए उठाया जा रहा है।
बेंगलुरु: कर्नाटक विधानसभा में बुधवार को एक महत्वपूर्ण विधायी कदम उठाते हुए, संसदीय कार्य मंत्री कृष्ण बायरे गौड़ा ने दो प्रमुख संशोधन विधेयक पेश किए। ये विधेयक कर्नाटक नगर पालिका (संशोधन) विधेयक, 2026 और कर्नाटक नगर निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 के रूप में हैं, जो शहरी बुनियादी ढांचे के प्रबंधन में नगर निकायों की शक्तियों का विस्तार करते हैं।
इन प्रस्तावित विधेयकों का मुख्य उद्देश्य उन निजी सड़कों और नालियों का प्रबंधन करना है जो जर्जर अवस्था में हैं और सार्वजनिक सुरक्षा या स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा कर रही हैं। नए नियमों के तहत, नगर निगम आयुक्तों को यह अधिकार होगा कि वे ऐसी संपत्तियों का अधिग्रहण कर सकें। यह प्रक्रिया नगर प्राधिकरण की अपनी पहल पर या संपत्ति के मालिकों के अनुरोध पर शुरू की जा सकती है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि यह कदम शहरी नियोजन (Urban Planning) के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव है। अक्सर निजी संपत्तियों के भीतर स्थित सड़कें और नालियां रखरखाव के अभाव में दुर्घटनाओं और बीमारियों का कारण बनती हैं। सरकार अब इन 'निजी' क्षेत्रों को 'सार्वजनिक' जिम्मेदारी में बदलकर शहरी बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण का प्रयास कर रही है।
शहरी बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण के लिए निजी स्वामित्व वाली महत्वपूर्ण सुविधाओं का सार्वजनिक नियंत्रण अनिवार्य हो जाता है।
एक महत्वपूर्ण कानूनी पहलू यह है कि ये विधेयक पूर्व भूमि मालिकों के अधिकारों को सीमित करते हैं। प्रस्तावित कानूनों के अनुसार, जिन जमीनों पर ये सड़कें या नालियां बनाई जा चुकी हैं, उनके मालिक अब न तो किसी मुआवजे (Compensation) की मांग कर सकते हैं और न ही विकास अधिकार प्रमाण पत्र (Development Rights Certificate - DRC) प्राप्त कर सकते हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत में तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण, कई आवासीय कॉलोनियों में सड़कों और नालियों का स्वामित्व निजी डेवलपर्स के पास रह गया है। समय के साथ, इन निजी संपत्तियों के रखरखाव में लापरवाही बरती जाती है, जिससे नगर निगमों के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। कर्नाटक के ये नए विधेयक इसी कानूनी जटिलता को हल करने की दिशा में एक प्रयास हैं।
Frequently Asked Questions
1. क्या नगर निगम किसी भी निजी सड़क को ले सकता है?
नहीं, केवल वे सड़कें या नालियां जो खराब स्थिति में हैं और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा हैं, उन्हें ही लिया जा सकता है।
2. क्या मालिक मुआवजे की मांग कर सकते हैं?
नहीं, नए विधेयक के अनुसार, अधिग्रहण के बाद मुआवजे या DRC का दावा नहीं किया जा सकेगा।