कांग्रेस ने जनगणना 2027 की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे 'दुर्भावनापूर्ण' बताया है। पार्टी का आरोप है कि जाति और धर्म से जुड़े सूक्ष्म प्रश्न डेटा के साथ छेड़छाड़ करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

  • कांग्रेस ने जनगणना 2027 की प्रश्नावली को 'जानबूझकर त्रुटिपूर्ण' करार दिया है।
  • जयराम रमेश ने माता-पिता के जन्म स्थान और धर्म जैसे सूक्ष्म प्रश्नों पर चिंता जताई है।
  • पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार जाति जनगणना को बाधित करने की कोशिश कर रही है।

नई दिल्ली: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने आगामी जनगणना 2027 की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि इस प्रक्रिया के पीछे एक 'गहरा दुर्भावनापूर्ण उद्देश्य' छिपा है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि जनगणना प्रश्नावली में शामिल किए गए प्रश्न न केवल असामान्य हैं, बल्कि वे डेटा की सटीकता को भी प्रभावित कर सकते हैं।

कांग्रेस के अनुसार, प्रश्नावली में धर्म, जन्म तिथि और माता-पिता के जन्म स्थान (गाँव के स्तर तक) जैसे सूक्ष्म प्रश्न शामिल किए गए हैं, जो पहले कभी नहीं पूछे गए। रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक रिपोर्ट साझा करते हुए कहा कि ये प्रश्न गोपनीयता के सिद्धांतों का उल्लंघन करते हैं और इनका उद्देश्य समुदायों की सूक्ष्म प्रोफाइलिंग करना हो सकता है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि जनगणना केवल सांख्यिकीय डेटा एकत्र करने का साधन नहीं है, बल्कि यह राजनीतिक शक्ति और आरक्षण नीतियों का आधार बनती है। यदि जातिगत डेटा को सही ढंग से दर्ज नहीं किया जाता है, तो यह भविष्य की सामाजिक न्याय नीतियों को कमजोर कर सकता है।

'जनगणना 2027 की कार्यप्रणाली जानबूझकर त्रुटिपूर्ण है; धर्म और माता-पिता के जन्म स्थान पर सूक्ष्म प्रश्न पहले कभी नहीं पूछे गए।' - जयराम रमेश

कांग्रेस ने सरकार पर 'यू-टर्न' लेने का भी आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि प्रधानमंत्री ने पहले जाति जनगणना का समर्थन किया था, लेकिन अब प्रश्नावली में जाति चयन के लिए 'ड्रॉप-डाउन मेनू' की सुविधा नहीं दी गई है। यह विडंबना है क्योंकि 2021 में सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने स्वयं सुझाव दिया था कि डेटा की निरंतरता के लिए ड्रॉप-डाउन मेनू का उपयोग किया जाना चाहिए।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत में जनगणना एक महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रक्रिया है। 2011 की जनगणना के बाद से, जातिगत जनगणना की मांग लगातार उठती रही है। कांग्रेस का तर्क है कि वर्तमान प्रश्नावली में 'जाति घोषित नहीं करना चाहता' या 'कोई जाति नहीं' जैसे विकल्प देकर वास्तविक जातिगत डेटा को छुपाने का प्रयास किया जा रहा है।

Did You Know?: भारत में पहली आधुनिक जनगणना 1872 में लॉर्ड मेयो के शासनकाल के दौरान शुरू की गई थी।

Frequently Asked Questions

1. कांग्रेस का मुख्य आरोप क्या है?
कांग्रेस का आरोप है कि जनगणना 2027 की प्रश्नावली जातिगत डेटा को सटीक रूप से दर्ज करने के बजाय उसे भ्रमित करने के लिए डिज़ाइन की गई है।

2. 'ड्रॉप-डाउन मेनू' का मुद्दा क्या है?
कांग्रेस का कहना है कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में सुझाव दिया था कि जाति चयन के लिए ड्रॉप-डाउन मेनू होना चाहिए, लेकिन 2027 की प्रश्नावली में इसे शामिल नहीं किया गया है।