दिल्ली में मतदान केंद्रों के युक्तिकरण (rationalisation) में हो रही देरी के कारण चुनाव आयोग ने ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन को 24 अगस्त से बढ़ाकर 31 अगस्त कर दिया है।

  • ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन अब 31 अगस्त को होगा।
  • मतदान केंद्रों को 1,200 मतदाताओं की सीमा में लाने का काम अभी जारी है।
  • अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी।
  • कुल 1.45 करोड़ मतदाताओं में से 97.5 लाख ड्राफ्ट रोल में शामिल होंगे।

नई दिल्ली: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने दिल्ली में विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया के तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन की तिथि को आगे बढ़ा दिया है। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार के अनुरोध पर, आयोग ने अब इस सूची को 24 अगस्त के बजाय 31 अगस्त को प्रकाशित करने का आदेश दिया है। यह देरी मुख्य रूप से मतदान केंद्रों के युक्तिकरण (rationalisation) की प्रक्रिया में आ रही बाधाओं के कारण हुई है।

निर्वाचन अधिकारियों का लक्ष्य प्रत्येक मतदान केंद्र पर मतदाताओं की संख्या को अधिकतम 1,200 तक सीमित करना है। वर्तमान में, दिल्ली के 13 जिलों में से 5,480 मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की संख्या इस निर्धारित सीमा से अधिक है। इस प्रक्रिया में मतदाताओं को पुराने केंद्रों से हटाकर नए या अन्य केंद्रों पर स्थानांतरित किया जा रहा है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि मतदान केंद्रों का सही युक्तिकरण न केवल चुनाव प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करता है, बल्कि मतदान के दिन भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि केंद्रों पर मतदाताओं की संख्या बहुत अधिक होती है, तो इससे मतदान प्रक्रिया में देरी और अव्यवस्था फैल सकती है।

मतदान केंद्रों का पुनर्गठन चुनावी पारदर्शिता और सुचारू मतदान प्रक्रिया की आधारशिला है।

डेटा के अनुसार, गणना चरण के अंत में कुल 1.45 करोड़ मतदाताओं में से 97.5 लाख (67.2%) मतदाता ड्राफ्ट रोल में दिखाई देंगे। हालांकि, इसमें एक बड़ी चुनौती भी है—33 लाख से अधिक मतदाताओं का डेटा या तो अनमैप्ड है या उसमें विसंगतियां हैं। इसके अतिरिक्त, 47.7 लाख मतदाताओं को 'ASDDO' (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लिकेट और अन्य) श्रेणी में रखा गया है, जो ड्राफ्ट रोल में शामिल नहीं होंगे।

संगम विहार और द्वारका जैसी अनधिकृत कॉलोनियों में नए मतदान केंद्र खोजने में अधिकारियों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। इन क्षेत्रों में जनसंख्या घनत्व अधिक है लेकिन सरकारी स्कूलों या सामुदायिक केंद्रों की कमी है, जिससे नए कमरों की पहचान करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।

Did You Know?: दिल्ली में कुल 13,033 मतदान केंद्र हैं, जिनमें से लगभग 42% केंद्रों पर मतदाताओं की संख्या निर्धारित सीमा से अधिक पाई गई है।

Frequently Asked Questions

1. नई ड्राफ्ट मतदाता सूची कब तक उपलब्ध होगी?
नई ड्राफ्ट मतदाता सूची अब 31 अगस्त को प्रकाशित की जाएगी।

2. मतदाता सूची में आप अपनी आपत्ति कब दर्ज करा सकते हैं?
दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि 31 अगस्त से 30 सितंबर तक खुली रहेगी।