पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा डीजीपी को लिखे पत्र को भाजपा की साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें उन लोगों से ईमानदारी का सर्टिफिकेट नहीं चाहिए जिन्होंने पंजाब को लूटा है।
- मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ED की कार्रवाई को भाजपा की राजनीतिक साजिश बताया।
- सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी को आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा का 'हताश कदम' कहा।
- मान ने केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि ये विपक्ष को दबाने का हथियार हैं।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा डीजीपी गौरव यादव को लिखे पत्र पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। मान ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए इसे भाजपा की एक सोची-समझी साजिश करार दिया। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि उन्हें उन लोगों से ईमानदारी का 'सर्टिफिकेट' लेने की कोई आवश्यकता नहीं है, जिन्होंने कथित रूप से पंजाब को दशकों तक लूटा है।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब ED ने डीजीपी को पत्र लिखकर एक निजी व्यक्ति और कुछ अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की। आरोप है कि ये लोग मुख्यमंत्री के अधिकारी से जुड़े हैं और सरकारी अधिकारियों के तबादलों, शस्त्र लाइसेंस की मंजूरी और भूमि सौदों में अनुचित प्रभाव डाल रहे थे।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह घटनाक्रम पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक तनाव को चरम पर ले आया है। केंद्रीय एजेंसियों और राज्य सरकारों के बीच का यह टकराव संघीय ढांचे (Federal Structure) की मजबूती पर गंभीर सवाल उठाता है।
मुख्यमंत्री ने 'ED पार्टी' शब्द का उपयोग करते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "ये वही करते हैं। ये फर्जी मामले बनाते हैं। इसमें कोई सच्चाई नहीं है। विपक्ष केवल उंगलियां उठा रहा है।" मान ने यह भी तर्क दिया कि भाजपा पंजाब में अपनी जमीन बनाने में असमर्थ है, इसलिए वह केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।
"भाजपा का तरीका है कि वे किसी को कुछ महीनों के लिए जेल में डाल दें और फिर अदालत से राहत मिलने का इंतजार करें।" - भगवंत मान
इसके साथ ही, मान ने पूर्व दिल्ली मंत्री सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी को भी भाजपा का एक 'हताश कदम' बताया। उन्होंने कहा कि जैन पंजाब में AAP के सह-प्रभारी हैं, इसलिए उन्हें निशाना बनाया गया है। उन्होंने अरविंद केजरीवाल का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह अदालत ने उन्हें राहत दी, वैसे ही जैन को भी मिलेगी।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने जगतार सिंह हवारा की पैरोल के मामले में राज्यपाल से मुलाकात की बात भी साझा की। उन्होंने कहा कि मानवीय आधार पर 31 साल बाद पैरोल देना एक जटिल मुद्दा नहीं होना चाहिए। अंत में, उन्होंने 'मनवा दियान सतकार योजना' के तहत 75 लाख महिलाओं को भुगतान किए जाने की जानकारी भी दी।
Frequently Asked Questions
1. भगवंत मान ने ED के पत्र पर क्या प्रतिक्रिया दी?
मान ने इसे भाजपा की साजिश बताया और कहा कि उन्हें लूटने वालों से ईमानदारी का सर्टिफिकेट नहीं चाहिए।
2. सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी पर मान का क्या कहना है?
उन्होंने इसे पंजाब चुनाव से पहले भाजपा का एक हताश प्रयास बताया है।