पूर्व अभिनेत्री और कांग्रेस नेता उमाश्री कर्नाटक विधान परिषद की निर्विरोध उपसभापति चुनी गई हैं। अपने ऐतिहासिक भाषण में उन्होंने अपने संघर्षपूर्ण जीवन, अकेलेपन और अपनी बेटी के उस फैसले का जिक्र किया जिसने उनकी जिंदगी बदल दी।
- कांग्रेस नेता उमाश्री कर्नाटक विधान परिषद की नई उपसभापति निर्वाचित हुईं।
- उन्होंने अपने संघर्षपूर्ण अतीत, मातृत्व और राजनीतिक यात्रा को साझा किया।
- अपनी बेटी के उस फैसले का खुलासा किया जिसके कारण उन्होंने दूसरी शादी नहीं की।
बेंगलुरु: कर्नाटक की राजनीति में एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व अभिनेत्री उमाश्री को कर्नाटक विधान परिषद का नया उपसभापति चुना गया है। पूर्व उपसभापति एम.के. प्राणेश के इस्तीफे के बाद यह पद खाली हुआ था। सत्ताधारी दल के बहुमत और विपक्ष द्वारा किसी भी उम्मीदवार का नाम पत्र दाखिल न करने के कारण उमाश्री की यह जीत निर्विरोध रही।
अपने ऐतिहासिक संबोधन के दौरान उमाश्री पूरी तरह भावुक नजर आईं। उन्होंने राजनीति में अपने प्रवेश का कारण समाज सेवा बताया। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर को संवारने के लिए बंगारप्पा से लेकर सिद्धारमैया तक के नेताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनका राजनीतिक जीवन उत्तर कर्नाटक की मिट्टी से शुरू हुआ और जगदीश ಶೆट्टर के खिलाफ चुनाव ने उनके जीवन की दिशा बदल दी।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that Umashree's journey from the silver screen to the legislative halls represents a significant socio-political shift in Karnataka. Her victory is not just a political win but a symbolic triumph for women who have overcome personal hardships to achieve institutional power.
"उमाश्री का जीवन संघर्ष और अटूट संकल्प की एक ऐसी गाथा है, जो राजनीति में महिलाओं की बदलती भूमिका को परिभाषित करती है।"
उमाश्री ने अपने व्यक्तिगत जीवन के सबसे कठिन दौर का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने एक अकेली माँ के रूप में संघर्ष किया। उन्होंने अपने दिवंगत पिता, स्वतंत्रता सेनानी मुनि नरसप्पा और माता रेवम्मा को याद करते हुए कहा कि उन्होंने उन्हें एक दत्तक पुत्री के रूप में अपनाया और सहारा दिया। उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 'अनुभव' फिल्म से की थी, लेकिन जल्द ही उन्होंने समाज सेवा के लिए राजनीति का रास्ता चुना।
सबसे भावुक क्षण तब आया जब उन्होंने अपनी शादी और अकेलेपन के बारे में बात की। उन्होंने खुलासा किया कि 60 की उम्र के आसपास उनके मित्रों ने उन्हें फिर से शादी करने की सलाह दी थी, लेकिन उनकी बेटी ने एक ऐसा जवाब दिया जिसने उनके जीवन को हमेशा के लिए बदल दिया। उमाश्री ने कहा, "जब मैंने अपनी बेटी से पूछा कि क्या मैं दोबारा शादी कर सकती हूँ, तो उसने कहा—'मैं अपनी माँ को किसी और के साथ साझा नहीं करना चाहती।'"
उन्होंने यह भी साझा किया कि कैसे उन्होंने अपने जीवन के उतार-चढ़ाव, यहाँ तक कि शराब की लत जैसी चुनौतियों को मात दी और अपने बच्चों को पालने के लिए रात भर नाटक किए और सुबह बच्चों की देखभाल की। उन्होंने कहा कि 38 वर्ष की आयु में उन्होंने खुद को पुरुषों के प्रभाव से दूर रखने और राजनीति पर ध्यान केंद्रित करने का निर्णय लिया, जिससे वे एमएलए और फिर एमएलसी बन सकीं।
Frequently Asked Questions
1. उमाश्री कौन हैं?
उमाश्री एक पूर्व अभिनेत्री और वर्तमान में कर्नाटक विधान परिषद की उपसभापति एवं कांग्रेस नेता हैं।
2. उनका राजनीतिक सफर कैसे शुरू हुआ?
उन्होंने उत्तर कर्नाटक में सक्रिय राजनीति के माध्यम से अपना सफर शुरू किया और एमएलए के बाद एमएलसी बनीं।