उत्तर कोरिया की किम यो जोंग ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने किम जोंग उन के साथ बातचीत का संकेत दिया था। किम ने अमेरिका की नीतियों को 'शत्रुतापूर्ण' करार दिया है।
- किम यो जोंग ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बातचीत के दावों को पूरी तरह से खारिज किया।
- उत्तर कोरिया ने अमेरिका की वर्तमान नीतियों को अपने देश के प्रति 'शत्रुतापूर्ण' बताया।
- डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि किम जोंग उन बातचीत के प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की बहन, किम यो जोंग ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अपने भाई के बीच किसी भी तरह के संचार या बातचीत की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। बुधवार को सरकारी समाचार एजेंसी KCNA के माध्यम से जारी एक बयान में, किम यो जोंग ने कहा कि वह वाशिंगटन से आ रही इन खबरों से पूरी तरह अनभिज्ञ हैं।
किम यो जोंग ने कड़े शब्दों में कहा कि अमेरिका की नीतियां उत्तर कोरिया के प्रति निरंतर 'शत्रुतापूर्ण' बनी हुई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि उनके शीर्ष नेतृत्व की विदेश नीति में कोई बदलाव होता, तो उन्हें इसकी जानकारी अवश्य होती। यह बयान ऐसे समय में आया है जब डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि किम जोंग उन उनके बातचीत के प्रस्तावों पर 'बहुत सकारात्मक' प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह बयान वैश्विक भू-राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। एक तरफ ट्रंप व्यक्तिगत संबंधों के माध्यम से कूटनीतिक समाधान खोजने का प्रयास कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उत्तर कोरियाई नेतृत्व स्पष्ट रूप से किसी भी नए संवाद के लिए तैयार नहीं दिख रहा है। यह विरोधाभास कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव को और बढ़ा सकता है।
अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच संवाद की कमी वैश्विक परमाणु सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती बनी हुई है।
डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा कि वह किम जोंग उन के साथ अच्छे संबंध रखते हैं और उनसे मिलने की योजना बना रहे हैं। हालांकि, ट्रंप की दक्षिण कोरिया के प्रति हालिया नाराजगी भी चर्चा का विषय है। ट्रंप ने दक्षिण कोरिया की आलोचना करते हुए कहा कि वे ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों में अमेरिका की मदद नहीं कर रहे हैं, जबकि अमेरिकी सैनिक उनकी सुरक्षा कर रहे हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
ट्रंप और किम जोंग उन के बीच संबंध काफी उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं। 2018 में सिंगापुर में उनकी ऐतिहासिक मुलाकात हुई थी, जहाँ 'पूर्ण विसैन्यीकरण' पर चर्चा हुई थी। इसके बाद 2019 में ट्रंप कोरियाई विसैन्यीकृत क्षेत्र (DMZ) में प्रवेश करने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बने। हालांकि, इन मुलाकातों के बावजूद उत्तर कोरिया ने अपनी मिसाइल और परमाणु क्षमताओं में लगातार विस्तार किया है।
Frequently Asked Questions
1. किम यो जोंग ने ट्रंप के दावों पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि वह बातचीत के बारे में पूरी तरह अनभिज्ञ हैं और अमेरिका की नीतियां शत्रुतापूर्ण हैं।
2. ट्रंप और किम के बीच पिछले संबंध कैसे रहे हैं?
दोनों के बीच सिंगापुर और DMZ में ऐतिहासिक मुलाकातें हुई हैं, लेकिन परमाणु निरस्त्रीकरण का लक्ष्य अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है।