नवंबर में होने वाले ऐतिहासिक फिलिस्तीनी विधायी चुनावों से पहले, हमास और मोहम्मद दहलान के नेतृत्व वाले फतह के विद्रोही गुट एक बड़े राष्ट्रीय गठबंधन के लिए बातचीत कर रहे हैं।
- नवंबर 28 को फिलिस्तीनी विधायी चुनाव निर्धारित हैं, जो 2006 के बाद पहले होंगे।
- हमास, इस्लामिक जिहाद और दहलान के नेतृत्व वाले 'डेमोक्रेटिक रिफॉर्म' के बीच गठबंधन की संभावना।
- महमुद अब्बास के नेतृत्व वाली मौजूदा सत्ता के खिलाफ एक बड़ा विपक्षी मोर्चा बन सकता है।
- मारवान बरघौती को संभावित राष्ट्रपति उम्मीदवार के रूप में देखा जा रहा है।
फिलिस्तीनी राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। राष्ट्रपति महमुद अब्बास के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार के विरोध में खड़े विभिन्न गुट आगामी नवंबर के चुनावों के लिए एक व्यापक चुनावी गठबंधन बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। यह कदम फिलिस्तीनी राजनीति में दशकों बाद एक नई शक्ति संरचना का निर्माण कर सकता है।
हमास के राष्ट्रीय संबंध अधिकारी हुसाम बदरान ने पुष्टि की है कि आंदोलन ने फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद, पीएलएफपी (PFLP), और मोहम्मद दहलान के नेतृत्व वाले 'डेमोक्रेटिक रिफॉर्म' जैसे समूहों के साथ द्विपक्षीय और सामूहिक बैठकें की हैं। विशेष रूप से, दहलान का गुट, जो पहले हमास का कट्टर आलोचक था, अब एक साझा मंच की तलाश में है।
क्यों यह महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह संभावित गठबंधन केवल एक चुनावी रणनीति नहीं है, बल्कि फिलिस्तीनी प्राधिकरण (PA) की वैधता को चुनौती देने का एक व्यापक प्रयास है। यदि हमास और दहलान जैसे विरोधी गुट एक साथ आते हैं, तो यह अब्बास प्रशासन के लिए एक गंभीर राजनीतिक संकट पैदा कर सकता है।
यह गठबंधन फिलिस्तीनी राजनीति के पारंपरिक ध्रुवीकरण को समाप्त कर एक नई राष्ट्रीय एकता की नींव रख सकता है।
दूसरी ओर, फताह (Palestinian National Liberation Movement) ने स्पष्ट कर दिया है कि उसके संगठनात्मक आधार हमास के साथ किसी भी साझा सूची में शामिल होने के खिलाफ हैं। फतह अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है, हालांकि उसने अन्य गुटों के साथ गठबंधन के दरवाजे खुले रखे हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
फिलिस्तीनी विधायी चुनाव अंतिम बार जनवरी 2006 में आयोजित किए गए थे। 2021 में भी चुनाव प्रस्तावित थे, लेकिन महमुद अब्बास ने पूर्वी यरूशलेम में इजरायली प्रतिबंधों का हवाला देते हुए उन्हें अचानक स्थगित कर दिया था। इस बार, अब्बास ने केवल विधायी चुनावों की घोषणा की है, राष्ट्रपति चुनाव की नहीं, जिससे राजनीतिक अनिश्चितता और बढ़ गई है।
| विशेषता | हमास-नेतृत्व वाला गठबंधन | फताह (अब्बास गुट) |
|---|---|---|
| रणनीति | व्यापक राष्ट्रीय गठबंधन | एकल पार्टी चुनाव |
| मुख्य नेता | खलील अल-हय्या, मोहम्मद दहलान | महमुद अब्बास |
| मुख्य लक्ष्य | सत्ता परिवर्तन और एकता | मौजूदा प्राधिकरण की वैधता |
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लंबे समय से जेल में बंद नेता मारवान बरघौती इस गठबंधन के लिए सबसे मजबूत चेहरा हो सकते हैं। हालिया सर्वेक्षणों के अनुसार, बरघौती को 54% जन समर्थन प्राप्त है, जो उन्हें एक शक्तिशाली विकल्प बनाता है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: चुनाव कब आयोजित किए जाएंगे?
उत्तर: राष्ट्रपति अब्बास के आदेशानुसार, विधायी चुनाव 28 नवंबर को निर्धारित हैं।
प्रश्न 2: क्या हमास इजरायल की आपत्तियों के बावजूद भाग लेगा?
उत्तर: हाँ, हमास के नेताओं ने स्पष्ट किया है कि उनका चुनाव में भाग लेना एक अंतर्निहित अधिकार है और वे किसी बाहरी अनुमति पर निर्भर नहीं हैं।