राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) अब देश की युवा पीढ़ी और 'Gen-Z' को अपनी मुख्यधारा में शामिल करने के लिए विशाखापट्टनम में एक विशेष रणनीति तैयार कर रहा है। मोहन भागवत के नेतृत्व में आयोजित इस बैठक का उद्देश्य छात्र आंदोलनों और युवाओं की आधुनिक चुनौतियों का समाधान करना है।

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  • RSS विशाखापट्टनम में 32 संगठनों के साथ तीन दिवसीय समन्वय बैठक कर रहा है।
  • 'Gen-Z' को जोड़ने और उन्हें नशे से दूर रखने के लिए विशेष रोडमैप तैयार किया जाएगा।
  • संघ के पंजीकरण में भारी वृद्धि देखी गई है, जिसमें 65% युवा शामिल हैं।

नई दिल्ली/विशाखापट्टनम: छात्र आंदोलनों की बढ़ती लहर और 'Gen-Z' (जेन-जी) की बदलती प्राथमिकताओं को देखते हुए, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अपनी संगठनात्मक रणनीति में एक बड़ा बदलाव करने का निर्णय लिया है। संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत के विजन को अमलीजामा पहनाने के लिए आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में एक महत्वपूर्ण तीन दिवसीय अखिल भारतीय समन्वय बैठक आयोजित की जा रही है।

यह बैठक केवल एक औपचारिक सभा नहीं है, बल्कि संघ के भविष्य की दिशा तय करने वाला एक 'महामंथन' है। 19 से 21 अगस्त तक चलने वाली इस बैठक में सरसंघचालक मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले के साथ देश भर के 32 विभिन्न संगठनों के लगभग 327 प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। इसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) जैसे प्रमुख संगठन भी शामिल हैं।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि संघ अब पारंपरिक तरीकों से हटकर डिजिटल युग के युवाओं की नब्ज समझने की कोशिश कर रहा है। जंतर-मंतर से लेकर रांची तक हुए हालिया छात्र आंदोलनों ने संघ को यह सोचने पर मजबूर किया है कि नई पीढ़ी को सामाजिक और राष्ट्रीय सरोकारों से कैसे जोड़ा जाए। यदि संघ इस 'यूथ प्लान' में सफल होता है, तो यह भारत के सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य को लंबे समय तक प्रभावित करेगा।

युवाओं को सही मार्गदर्शन मिले तो वे भारत को विश्वगुरु बनाने के सबसे सशक्त माध्यम बन सकते हैं।

बैठक के मुख्य एजेंडे में युवाओं को नशे की लत से बचाना, रोजगार के नए अवसर तलाशना, स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना और शिक्षा प्रणाली की चुनौतियों पर चर्चा करना शामिल है। संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने बताया कि बैठक में जनसंख्या असंतुलन और 'पंच परिवर्तन' जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी गहन विचार-विमर्श किया जाएगा।

आंकड़े बताते हैं कि संघ की ओर युवाओं का रुझान तेजी से बढ़ा है। 'Join RSS' पोर्टल पर पंजीकरण के आंकड़ों के अनुसार, 2026 में पंजीकरण की संख्या में पिछले वर्ष के मुकाबले भारी उछाल आया है। विशेष रूप से, संघ से जुड़ने वाले लगभग 65 प्रतिशत लोग 30 वर्ष से कम आयु के युवा हैं, जो संगठन के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

इस रणनीतिक बैठक में बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व, जिनमें नितिन नवीन और बी.एल. संतोष शामिल हैं, की उपस्थिति यह दर्शाती है कि वैचारिक मातृ संगठन और राजनीतिक दल के बीच समन्वय को और मजबूत किया जा रहा है।

Frequently Asked Questions

1. विशाखापट्टनम बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य 'Gen-Z' और युवा पीढ़ी को संघ की विचारधारा और राष्ट्र निर्माण के कार्यों से जोड़ने के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार करना है।

2. क्या इस बैठक में राजनीतिक दल भी शामिल हैं?
हाँ, इस बैठक में संघ के 32 संगठनों के साथ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता भी भाग ले रहे हैं।

Did You Know?: संघ के आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण करने वाले युवाओं में से लगभग 65% की आयु 30 वर्ष से कम है।