तेलंगाना के राजस्व मंत्री पोंगुलेती श्रीनिवास रेड्डी ने 'भु भारती' अधिनियम के माध्यम से भूमि रिकॉर्ड को पारदर्शी बनाने और राज्य को विवाद मुक्त करने की घोषणा की है। इस नई प्रणाली में हर भूमि खंड को एक विशिष्ट 'भूधर' नंबर दिया जाएगा।

  • 'भु भारती' अधिनियम 2025 के माध्यम से भूमि रिकॉर्ड का आधुनिकीकरण किया जाएगा।
  • हर भूमि खंड को आधार की तरह एक अद्वितीय 'भूधर' नंबर आवंटित किया जाएगा।
  • उन्नत रोवर तकनीक का उपयोग करके एक वर्ष के भीतर पुनर सर्वेक्षण पूरा करने का लक्ष्य है।
  • पिछली सरकार के 'धरणी पोर्टल' में हुई कथित अनियमितताओं की जांच जारी है।

तेलंगाना के राजस्व मंत्री पोंगुलेती श्रीनिवास रेड्डी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा है कि 'तेलंगाना भु भारती (भूमि में अधिकारों का रिकॉर्ड) अधिनियम, 2025' का कार्यान्वयन राज्य के भविष्य के लिए निर्णायक साबित होगा। खम्मम जिले के सातुपल्ली मंडल के नारायणपुरम गांव में आयोजित एक जागरूकता बैठक के दौरान, उन्होंने स्पष्ट किया कि यह परियोजना न केवल भूमि रिकॉर्ड को सुव्यवस्थित करेगी, बल्कि तेलंगाना को एक विवाद-मुक्त राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

मंत्री ने बताया कि सरकार वर्तमान में उन्नत रोवर तकनीक (Rover Technology) का उपयोग करके भूमि का पुनर सर्वेक्षण कर रही है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। सरकार का लक्ष्य अगले एक वर्ष के भीतर सभी भूमि रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से अपडेट और व्यवस्थित करना है, जिससे भविष्य में होने वाले भूमि विवादों को जड़ से समाप्त किया जा सके।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि तेलंगाना में भूमि रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण और 'भूधर' नंबर की शुरुआत एक क्रांतिकारी कदम है। जिस तरह आधार ने पहचान की समस्या को हल किया, उसी तरह 'भूधर' नंबर भूमि स्वामित्व के दावों में होने वाले धोखाधड़ी और कानूनी उलझनों को कम करेगा। यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रियल एस्टेट क्षेत्र में विश्वास बहाली के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

'भु भारती' का कार्यान्वयन केवल तकनीकी सुधार नहीं है, बल्कि यह भूमि स्वामित्व के अधिकार को सुरक्षित करने के लिए एक सामाजिक-राजनीतिक प्रतिबद्धता है।

राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे पर गरमागरम बहस छिड़ गई है। श्री रेड्डी ने आरोप लगाया कि BRS नेता राजनीतिक लाभ के लिए 'धारा 22A' की जमीनों के मुद्दे पर गलत प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दल उन भूमि टुकड़ों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं जिन्हें पिछली BRS सरकार के दौरान धरणी पोर्टल के माध्यम से अवैध रूप से हासिल किया गया था।

मंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार ने पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान धरणी पोर्टल पर हुए संदिग्ध लेनदेन की जांच के आदेश पहले ही दे दिए हैं। उन्होंने BRS और भाजपा पर एक ही पटकथा पढ़ने और संकीर्ण राजनीतिक हितों के लिए मिलकर काम करने का भी आरोप लगाया।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

तेलंगाना में भूमि प्रबंधन के लिए पहले 'धरणी पोर्टल' का उपयोग किया जाता था, लेकिन इसमें कई तकनीकी खामियों और भ्रष्टाचार के आरोप लगे। इसके परिणामस्वरूप, सरकार ने अब 'भु भारती' को पेश किया है, जो अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक-संचालित प्रणाली है।

Did You Know?: तेलंगाना की नई प्रणाली में प्रत्येक जमीन के टुकड़े को एक विशिष्ट पहचान दी जाएगी, जो ठीक वैसे ही काम करेगी जैसे आपका आधार कार्ड आपकी पहचान सुनिश्चित करता है।

Frequently Asked Questions

1. 'भूधर' नंबर क्या है?
यह प्रत्येक भूमि खंड को दिया जाने वाला एक अद्वितीय पहचान नंबर है, जो स्वामित्व को प्रमाणित करता है।

2. भु भारती का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य भूमि रिकॉर्ड को व्यवस्थित करना, पारदर्शिता लाना और भूमि विवादों को समाप्त करना है।