शिवमोग्गा में पूर्व मुख्यमंत्री डी. देवरज Urs की 111वीं जयंती पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ नेताओं और बुद्धिजीवियों ने उनके ऐतिहासिक भूमि सुधारों और सामाजिक न्याय के कार्यों को याद किया।
- पूर्व मुख्यमंत्री डी. देवरज Urs की 111वीं जयंती शिवमोग्गा के कुवेम्पु रंग मंदिर में मनाई गई।
- 'जोतने वाले को जमीन' की नीति को उनके जीवन का सबसे बड़ा योगदान बताया गया।
- सामाजिक न्याय और वंचितों के उत्थान के लिए उनके कार्यों को याद किया गया।
शिवमोग्गा: कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और सामाजिक न्याय के अग्रदूत डी. देवरज Urs की 111वीं जयंती गुरुवार को शिवमोग्गा के कुवेम्पु रंग मंदिर में अत्यंत गरिमापूर्ण तरीके से मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, प्रशासनिक अधिकारियों और प्रबुद्ध वर्ग के बुद्धिजीवियों ने शिरकत की और Urs के दूरदर्शी नेतृत्व को नमन किया।
कार्यक्रम के दौरान, गारंटी योजना कार्यान्वयन प्राधिकरण (शिवमोग्गा जिला) के अध्यक्ष सी.एस. चंद्रबूपाल ने अपने संबोधन में कहा कि देवरज Urs का समाज में योगदान अमिट है। उन्होंने विशेष रूप से 'जोतने वाले को जमीन' (Land to the tiller) की ऐतिहासिक नीति का उल्लेख किया, जिसने लाखों किसानों के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन लाया और कृषि क्षेत्र में सामाजिक संरचना को बदल दिया।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि देवरज Urs केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि एक समाज सुधारक थे जिन्होंने कर्नाटक की राजनीति में पिछड़ों और वंचितों की शक्ति को पुनर्गठित किया। उनकी नीतियां आज भी राज्य की कल्याणकारी योजनाओं का आधार बनी हुई हैं।
शिवमोग्गा के उपायुक्त प्रभुलिंगा कवलिकट्टी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि Urs के कार्यकाल के दौरान लागू किए गए ऐतिहासिक कानूनों और नीतिगत बदलावों का लाभ आज भी समाज के बड़े वर्ग को मिल रहा है। उन्होंने लाभार्थियों से आह्वान किया कि वे समाज के उत्थान के लिए किए गए इन ऐतिहासिक कार्यों को सदैव स्मरण रखें।
देवरज Urs ने समाज के उन वर्गों को आवाज दी जिन्हें सदियों से हाशिए पर रखा गया था।
कुवेम्पु विश्वविद्यालय के कन्नड़ प्रोफेसर नल्लिकट्टे सिद्धेश ने देवरज Urs के जीवन संघर्ष और उनके द्वारा किए गए नीतिगत सुधारों पर एक विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि कैसे Urs ने प्रशासनिक तंत्र को आम आदमी के प्रति संवेदनशील बनाया। कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे, जो उनके शासनकाल के प्रति सम्मान व्यक्त करने आए थे।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: देवरज Urs की सबसे महत्वपूर्ण नीति कौन सी थी?
उत्तर: उनकी सबसे महत्वपूर्ण नीति 'जोतने वाले को जमीन' (Land to the tiller) थी, जिसने भूमिहीन किसानों को अधिकार दिलाए।
प्रश्न 2: यह कार्यक्रम कहाँ आयोजित किया गया था?
उत्तर: यह कार्यक्रम शिवमोग्गा के कुवेम्पु रंग मंदिर में आयोजित किया गया था।