कर्नाटक विधानसभा ने बीडीए (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी है, जिससे बीडीए लेआउट में स्थित 1.11 लाख अनधिकृत घरों के नियमितीकरण शुल्क में 50% की कटौती की जाएगी। यह निर्णय हजारों परिवारों को संपत्ति के कानूनी दस्तावेज प्राप्त करने में बड़ी राहत देगा।

  • बीडीए संशोधन विधेयक, 2026 के तहत अनधिकृत घरों के नियमितीकरण शुल्क में 50% की कमी।
  • लगभग 1,11,560 घरों के मालिकों को संपत्ति के कानूनी दस्तावेज और खता मिलने का रास्ता साफ।
  • बीडीए आयुक्त को तत्काल मरम्मत कार्यों के लिए ₹5 करोड़ तक की राशि स्वीकृत करने का अधिकार।

बेंगलुरु: कर्नाटक विधानसभा ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए बीडीए (संशोधन) विधेयक, 2026 को पारित कर दिया है। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य बीडीए लेआउट के भीतर स्थित लगभग 1,11,560 अनधिकृत घरों के नियमितीकरण शुल्क में 50% की भारी कटौती करना है। इस निर्णय से उन हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी जो वर्षों से अपने घरों के कानूनी दस्तावेजों और खता के अभाव में अनिश्चितता के दौर से गुजर रहे थे।

विधेयक का प्रस्ताव रखते हुए, ग्रेटर बेंगलुरु क्षेत्र विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने बताया कि बीडीए द्वारा विकसित किए गए लेआउट क्षेत्रों में कई अनधिकृत निजी लेआउट समय के साथ समाहित हो गए। कई घर ऐसे क्षेत्रों में स्थित हैं जहां भूमि बीडीए की है, लेकिन घरों का निर्माण अनधिकृत रूप से हुआ था। इससे मालिकों को न तो घर खाली करने का नोटिस दिया जा सकता था और न ही उन्हें मालिकाना हक के दस्तावेज प्रदान किए जा सकते थे।

नया शुल्क ढांचा (Revised Charges)

सरकार ने संपत्ति के आकार के आधार पर नए और कम किए गए शुल्क ढांचे की घोषणा की है। संशोधित शुल्क इस प्रकार हैं:

  • 20 x 30 फीट तक के साइट: गाइडेंस वैल्यू का 5%
  • 20 x 30 से 30 x 40 फीट तक: गाइडेंस वैल्यू का 12.5%
  • 30 x 40 से 40 x 60 फीट तक: गाइडेंस वैल्यू का 25%
  • 40 x 60 से 50 x 80 फीट तक: गाइडेंस वैल्यू का 25% और निर्धारित जुर्माना

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कदम न केवल शहरी विकास को व्यवस्थित करेगा, बल्कि मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए संपत्ति को वैध बनाना आर्थिक रूप से सुलभ भी बनाएगा।

आपातकालीन कार्यों के लिए बढ़ी हुई शक्तियां

विधेयक में एक और महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल है जो बीडीए आयुक्त को अधिक वित्तीय स्वायत्तता देता है। अब आयुक्त बीडीए फ्लैटों, विला और लेआउट के रखरखाव और तत्काल मरम्मत जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए ₹5 करोड़ तक की राशि स्वीकृत कर सकेंगे। इससे बुनियादी ढांचे के रखरखाव में होने वाली देरी कम होगी।

यह संशोधन शहरी भूमि विवादों को सुलझाने और नागरिकों को उनके संपत्ति अधिकारों के प्रति सुरक्षित महसूस कराने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।

इसके अलावा, विधानसभा ने कर्नाटक टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (संशोधन) विधेयक, 2026 और नादप्रभु kempegowda हेरिटेज एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी अपनाया है। ये विधेयक विकास कार्यों में देरी के लिए दंड लगाने और प्राधिकरण के प्रशासनिक ढांचे में सुधार करने पर केंद्रित हैं।

Frequently Asked Questions

1. इस नए कानून से कितने लोगों को लाभ होगा?
लगभग 1,11,560 घर जो बीडीए लेआउट के भीतर अनधिकृत रूप से बने हैं, वे इस नीति से लाभान्वित होंगे।

2. शुल्क में कितनी कटौती की गई है?
सरकार ने अनधिकृत घरों के नियमितीकरण के लिए लगने वाले शुल्कों में 50% की कटौती की है।

Did You Know?: बीडीए (बेंगलुरु विकास प्राधिकरण) का मुख्य कार्य बेंगलुरु शहर के नियोजित विकास और बुनियादी ढांचे का प्रबंधन करना है।