छत्तीसगढ़ में कथित शराब घोटाले की जांच तेज करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस नेता राम गोपाल अग्रवाल के आवास पर छापेमारी की है। इस कार्रवाई के बाद रायपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

  • ED ने कांग्रेस नेता राम गोपाल अग्रवाल के धामतरी स्थित आवास पर तलाशी ली।
  • आरोप है कि 2019-2022 के दौरान शराब घोटाले से राज्य को ₹2,883 करोड़ का नुकसान हुआ।
  • कांग्रेस ने इन कार्रवाइयों को विपक्ष को डराने की राजनीतिक साजिश बताया है।

रायपुर/धमतरी: छत्तीसगढ़ में कथित शराब घोटाले की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई की। एजेंसी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष राम गोपाल अग्रवाल के धामतरी स्थित निवास पर छापेमारी की। गौरतलब है कि अग्रवाल को पिछले सप्ताह ही इसी घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था।

इस छापेमारी के दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण रहा। अग्रवाल के आवास के बाहर धामतरी के विधायक ओमकार साहू सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता एकत्रित हो गए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और ED की कार्यप्रणाली के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया कि केंद्रीय जांच एजेंसियां अब विपक्ष को डराने और धमकाने का माध्यम बन गई हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह मामला केवल एक वित्तीय घोटाले तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की राजनीति में सत्ता परिवर्तन के बाद चल रही जांच की तीव्रता को दर्शाता है। यदि ये आरोप सिद्ध होते हैं, तो यह राज्य के प्रशासनिक ढांचे में गहरे भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।

जांच एजेंसियों की सक्रियता और राजनीतिक दलों के विरोध के बीच, यह मामला छत्तीसगढ़ के भविष्य के राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।

ED के अनुसार, यह कथित घोटाला 2019 से 2022 के बीच हुआ था, जब राज्य में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार थी। एजेंसी का दावा है कि नौकरशाहों और राजनेताओं के एक 'आपराधिक सिंडिकेट' ने राज्य आबकारी विभाग पर कब्जा कर लिया था, जिससे सरकारी खजाने को भारी चपत लगी।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के मामलों की जांच अब एक नए स्तर पर पहुंच गई है। ED ने अब तक इस मामले में 6 चार्जशीट दाखिल की हैं और 81 आरोपियों के नाम शामिल किए हैं। इनमें पूर्व आबकारी मंत्री कावासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे चैतन्य बघेल और कई पूर्व वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।

Did You Know?: आर्थिक अपराध शाखा (EOW) का दावा है कि इस शराब घोटाले से होने वाली अवैध कमाई ₹3,500 करोड़ से अधिक हो सकती है।

Frequently Asked Questions

1. राम गोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी क्यों हुई थी?
अग्रवाल को शराब घोटाले और कोयला लेवी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया गया था।

2. इस घोटाले में मुख्य आरोपी कौन हैं?
ED ने चैतन्य बघेल, कावासी लखमा और पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा सहित 81 लोगों को नामजद किया है।