बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) के नए नियमों के विरोध में पीएचडी शोधकर्ताओं और छात्रों ने कल पटना के राजभवन की ओर विशाल मार्च निकालने का निर्णय लिया है। छात्र दो-स्तरीय परीक्षा प्रणाली को वापस लेने और रिक्त पदों को भरने की मांग कर रहे हैं।
- पीएचडी शोधकर्ता TRE-4 परीक्षा के दो-स्तरीय (two-tier) नियमों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
- कल 22 अगस्त को पटना के राजभवन और लोक भवन की ओर विशाल मार्च निकाला जाएगा।
- मुख्य मांगों में UGC रेगुलेशन 2018 का कार्यान्वयन और आयु सीमा में वृद्धि शामिल है।
- तेजस्वी यादव ने भी छात्रों की मांगों का समर्थन किया है।
बिहार की शैक्षणिक व्यवस्था में एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। शिक्षक भर्ती परीक्षा-4 (TRE-4) के प्रस्तावित नए नियमों के विरोध में पीएचडी शोधकर्ता और छात्र अब सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हैं। कल, 22 अगस्त को, पटना के विभिन्न हिस्सों से शोधकर्ताओं और छात्रों का एक विशाल समूह राजभवन की ओर कूच करेगा। यह आंदोलन मुख्य रूप से असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती के लिए प्रस्तावित दो-स्तरीय परीक्षा प्रणाली को रद्द करने की मांग कर रहा है।
अखिल बिहार पीएचडी धारक एवं शोध विद्वान संघ के संयोजक कुमुद पटेल ने बताया कि यह मार्च वीर कुंवर सिंह पार्क (आर-ब्लॉक) से शुरू होकर शांतिपूर्ण ढंग से लोक भवन तक जाएगा। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि नई भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है और यह योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि बिहार में शिक्षक भर्ती को लेकर बढ़ता यह असंतोष राज्य की भविष्य की शैक्षणिक गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है। यदि पीएचडी विद्वान और शोधकर्ता मुख्यधारा की भर्ती प्रक्रिया से बाहर महसूस करते हैं, तो इससे उच्च शिक्षा के ढांचे में गंभीर रिक्तता पैदा हो सकती है।
शिक्षक भर्ती के नियमों में अचानक बदलाव से न केवल छात्रों का मनोबल गिरता है, बल्कि यह राज्य की प्रशासनिक विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करता है।
शोधकर्ताओं की छह सूत्रीय मांगों में सबसे प्रमुख UGC रेगुलेशन 2018 (Table 3A) का कार्यान्वयन है। छात्र चाहते हैं कि चयन केवल लिखित परीक्षा के बजाय शैक्षणिक उपलब्धियों के आधार पर 100-पॉइंट स्केल पर किया जाए। इसके अलावा, वे असिस्टेंट प्रोफेसरों के लिए अधिकतम आयु सीमा को 43 वर्ष से बढ़ाकर 55 वर्ष करने की भी मांग कर रहे हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
बिहार में शिक्षक भर्ती हमेशा से ही विवादों और राजनीतिक खींचतान का केंद्र रही है। हाल के वर्षों में BPSC द्वारा आयोजित परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोपों और भर्ती प्रक्रियाओं में बदलाव ने छात्रों के बीच भारी रोष पैदा किया है।
| मांग | वर्तमान स्थिति | छात्रों की मांग |
|---|---|---|
| परीक्षा प्रारूप | दो-स्तरीय (Two-tier) | एकल-स्तरीय (Single-tier) |
| आयु सीमा | 43 वर्ष | 55 वर्ष |
| चयन मानदंड | लिखित परीक्षा केंद्रित | UGC 2018 (100 अंक स्केल) |
Frequently Asked Questions
1. छात्र किस बात का विरोध कर रहे हैं?
छात्र मुख्य रूप से TRE-4 परीक्षा के दो-स्तरीय प्रारूप और नए भर्ती नियमों का विरोध कर रहे हैं।
2. राजभवन मार्च कब और कहाँ होगा?
यह मार्च 22 अगस्त को पटना में वीर कुंवर सिंह पार्क से शुरू होकर राजभवन तक जाएगा।