बशार अल-असद के शासन के अंत के बाद, सीरिया का नागरिक समाज एक नाजुक मोड़ पर है। क्या नई सरकार इन संगठनों के साथ साझेदारी करेगी या उन्हें फिर से नियंत्रित करने का प्रयास करेगी?
- बशार अल-असद के पतन के बाद सीरिया में नागरिक संगठनों के पंजीकरण में भारी वृद्धि हुई है।
- पुराने शासन के दौरान खुफिया सेवाओं का कड़ा नियंत्रण था, जो अब बदल रहा है।
- नागरिक समाज के सामने सबसे बड़ी चुनौती राज्य की वापसी के साथ अपनी भूमिका को फिर से परिभाषित करने की है।
- विदेशी फंडिंग और नए कानूनी ढांचे को लेकर संस्थाओं के बीच अनिश्चितता बनी हुई है।
दमिश्क, सीरिया में एक नया राजनीतिक युग शुरू हो चुका है। 8 दिसंबर, 2024 को बशार अल-असद के शासन के अचानक पतन के बाद, सीरिया का सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। विशेष रूप से सीरिया का नागरिक समाज (Civil Society), जो पिछले 13 वर्षों के युद्ध के दौरान राज्य की अनुपस्थिति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था, अब एक अस्तित्वगत संकट और अवसर के बीच खड़ा है।
बहजत हाजर, जो कभी विपक्ष के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में काम करते थे, अब सामाजिक मामलों और श्रम मंत्रालय के उप मंत्री हैं। उनका अनुभव बताता है कि पुराना तंत्र कितना दमनकारी था। पहले, नागरिक संगठनों का पंजीकरण पूरी तरह से खुफिया सेवाओं के नियंत्रण में था। एक साल में केवल कुछ ही संगठनों को अनुमति दी जाती थी। आज, स्थिति इसके विपरीत है; पंजीकरण की प्रक्रिया सरल हो गई है और संगठनों की संख्या में भारी उछाल आया है।
राज्य की वापसी और भूमिका का संघर्ष
जैसे-जैसे सीरियाई राज्य अपनी शक्ति को पुनर्गठित कर रहा है, उन संगठनों के लिए चुनौती बढ़ गई है जिन्होंने युद्ध के दौरान स्कूलों, क्लीनिकों और बुनियादी ढांचे का प्रबंधन किया था। BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि जब राज्य वापस आता है, तो वह उन सेवाओं को भी वापस लेने की कोशिश करता है जो पहले नागरिक समाज द्वारा प्रदान की जा रही थीं। अब सवाल यह नहीं है कि संगठन मौजूद हैं या नहीं, बल्कि यह है कि वे राज्य के भीतर क्या भूमिका निभाएंगे।
नागरिक समाज का विस्तार होना अपने आप में एक मजबूत समाज की गारंटी नहीं है; असली चुनौती उनके वास्तविक प्रभाव और भूमिका की है।
मुतासेम स्युफी, जो 'द डे आफ्टर' के कार्यकारी निदेशक हैं, बताते हैं कि सीरिया का नागरिक क्षेत्र विभिन्न परतों में बना है—पुराने चैरिटी संगठन, राजनीतिक समूहों से जुड़े नए संगठन और अंतरराष्ट्रीय फंडिंग पर आधारित अधिकार समूह। हालांकि इन संगठनों ने युद्ध के दबाव में काम करने की क्षमता विकसित की है, लेकिन एक परिपक्व नागरिक स्थान (Civic Space) का निर्माण अभी भी अधूरा है।
वैधानिकता और कानूनी अनिश्चितता
एक और बड़ी बाधा कानूनी ढांचा है। सीरियाई संगठन अभी भी 1958 के पुराने कानून के तहत काम कर रहे हैं, जो विदेशी फंडिंग के लिए सख्त पूर्व-अनुमोदन की मांग करता है। हाल ही में जारी कुछ सरकारी निर्देशों ने कार्यकर्ताओं के बीच डर पैदा कर दिया है कि यह पुराने दमनकारी ढांचे की ओर वापसी हो सकती है।
| विशेषता | असद युग (पुराना तंत्र) | उत्तर-असद युग (वर्तमान स्थिति) |
|---|---|---|
| पंजीकरण प्रक्रिया | खुफिया सेवाओं द्वारा अत्यधिक नियंत्रित | सरल और सुलभ |
| संगठनों की संख्या | अत्यधिक सीमित | तेजी से बढ़ती हुई |
| विदेशी फंडिंग | कठोर प्रतिबंध और निगरानी | कानूनी विवाद और अनिश्चितता |
नागरिक समाज अब तीन समूहों में विभाजित है: वे जो नए नियमों के साथ काम कर रहे हैं, वे जो अविश्वास के कारण पंजीकरण से बच रहे हैं, और वे जो सरकार का समर्थन कर रहे हैं। यह विभाजन भविष्य के सीरिया के लोकतांत्रिक स्वरूप को निर्धारित करेगा।
Frequently Asked Questions
1. क्या सीरिया में नागरिक समाज के लिए पंजीकरण आसान हो गया है?
हाँ, वर्तमान में पंजीकरण की प्रक्रिया पहले की तुलना में काफी सरल और कम खर्चीली हो गई है।
2. नागरिक समाज के सामने मुख्य चुनौती क्या है?
मुख्य चुनौती राज्य की वापसी के साथ अपनी प्रासंगिकता बनाए रखना और विदेशी फंडिंग से जुड़े कानूनी नियमों का सामना करना है।