राजीव गांधी के कार्यकाल में मतदान आयु को 21 से 18 किया गया, C‑DOT की स्थापना हुई और 1986 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गई। ये कदम भारत को 21वीं सदी की चुनौतियों के लिए तैयार करने में अहम रहे।
- वोटिंग आयु 21 से 18 वर्ष कर दी गई
- C‑DOT की स्थापना से ग्रामीण टेलीफ़ोन विस्तार हुआ
- 1986 की राष्ट्रीय शिक्षा नीति ने बुनियादी स्कूलों को सुदृढ़ किया
राजीव गांधी, जिन्होंने 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद भारत के सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री बने, अपने छोटे कार्यकाल में कई दूरगामी सुधार लागू किए। भारत की बुनियादी बुनियादी ढाँचा कमजोर था, लेकिन उनका एजेंडा युवा शक्ति को सशक्त करने और शिक्षा एवं संचार को आधुनिक बनाने पर केन्द्रित था।
सबसे उल्लेखनीय पहल 61वें संशोधन अधिनियम (1988) के माध्यम से मतदान आयु को 21 से 18 वर्ष कर देना था। यह बदलाव 28 मार्च 1989 को लागू हुआ और 1989 के लोकसभा चुनाव में 3.57 करोड़ युवा मतदाताओं को जोड़ा, जिससे राजनीति में युवा सहभागिता में अभूतपूर्व वृद्धि हुई।
संचार के क्षेत्र में, 25 अगस्त 1984 को केंद्र विकास टेलीमैटिक्स (C‑DOT) की स्थापना हुई। इसका उद्देश्य 36 महीनों में डिजिटल स्विचिंग सिस्टम विकसित करना था, जिसके लिए 36 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया। 1986 में कर्नाटक के किट्टूर में स्थापित 128‑लाइन रूरल ऑटोमैटिक एक्सचेंज (RAX) ने ग्रामीण टेली‑डेंसिटी को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मार्च 1993 तक 10,000 से अधिक RAX इकाइयाँ निर्मित हो चुकी थीं।
शिक्षा के क्षेत्र में 1986 की राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NPE) ने प्राथमिक शिक्षा, वयस्क साक्षरता, शिक्षक प्रशिक्षण, स्कूल बुनियादी ढाँचा और वोकैशनल शिक्षा को व्यापक रूप से संबोधित किया। ‘ऑपरेशन ब्लैकबोर्ड’ कार्यक्रम के तहत प्राथमिक स्कूलों को आवश्यक सुविधाएँ प्रदान करने की योजना बनाई गई, जिससे 14 वर्ष तक की बाल शिक्षा में गिरावट को रोकने का लक्ष्य था। 1988 में शुरू किया गया राष्ट्रीय साक्षरता मिशन ने 15‑35 वर्ष के वयस्कों में कार्यात्मक साक्षरता को बढ़ावा दिया।
इन सभी पहलों ने भारत को 21वीं सदी की आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के लिए तैयार किया। युवा मतदाता, ग्रामीण टेलीफ़ोन नेटवर्क और सुदृढ़ शैक्षिक बुनियादी ढाँचा आज भी भारतीय लोकतंत्र और विकास की रीढ़ हैं।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that Rajiv Gandhi’s reforms laid the groundwork for India’s demographic dividend, digital connectivity, and inclusive education, which continue to drive the nation’s growth trajectory.
"The 1988 voting age amendment was a catalyst for youth empowerment that reshaped Indian politics forever," says political scientist Dr. Ananya Singh.
Frequently Asked Questions
Q1: क्या 61वें संशोधन अधिनियम से पहले 18‑साल के युवा मतदान नहीं कर सकते थे?
A: नहीं, उस समय न्यूनतम मतदान आयु 21 वर्ष थी, जिसे 1989 में 18 वर्ष कर दिया गया।
Q2: राष्ट्रीय शिक्षा नीति ने किस तरह से ग्रामीण स्कूलों को लाभ पहुंचाया?
A: नीति ने बुनियादी बुनियादी ढाँचा, शैक्षिक सामग्री और शिक्षक प्रशिक्षण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की, जिससे ग्रामीण स्कूलों की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ।