तमिलनाडु सरकार सहकारी संस्थाओं को अधिक पारदर्शी, जन-केंद्रित और आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाने के लिए एक नई राज्य सहकारी नीति तैयार करने जा रही है। इस पहल के तहत महिलाओं के लिए विशेष ऋण और किसानों के लिए कृषि-संबद्ध व्यवसायों हेतु भारी निवेश किया जाएगा।
- सहकारी संस्थाओं के लिए नई राज्य सहकारी नीति का निर्माण किया जाएगा।
- महिलाओं के लिए ₹7,015 करोड़ की 'सिंगा पेंगल ऋण योजना' लागू होगी।
- किसानों के लिए 9% ब्याज दर पर ₹5,000 करोड़ के ग्रामीण व्यापार ऋण उपलब्ध कराए जाएंगे।
- सहकारी उत्पादों के लिए 'वेत्तरी' (Vettri) नामक नया ब्रांड लॉन्च किया जाएगा।
तमिलनाडु के सहकारिता मंत्री वी. गांधीराज ने विधानसभा में घोषणा की है कि राज्य सरकार सहकारी संस्थाओं के स्वरूप को बदलने के लिए एक व्यापक राज्य सहकारी नीति तैयार कर रही है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य सहकारी समितियों को अधिक पारदर्शी, जन-केंद्रित और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे बाजार में अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ा सकें।
महिला सशक्तिकरण और कृषि विकास पर जोर
मंत्री गांधीराज ने बताया कि महिलाओं को उद्यमी के रूप में बढ़ावा देने के लिए 'सिंगा पेंगल ऋण योजना' को सहकारी बैंकों के माध्यम से लागू किया जाएगा, जिसके लिए ₹7,015 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है। इसके अतिरिक्त, कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए किसानों को कृषि-संबद्ध व्यवसाय शुरू करने हेतु मात्र 9% की रियायती ब्याज दर पर ₹5,000 करोड़ का ऋण प्रदान किया जाएगा।
सहकारी समितियों का आधुनिकीकरण तमिलनाडु की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनेगा।
सहकारी उत्पादों की गुणवत्ता और बाजार में उनकी पहुंच बढ़ाने के लिए सरकार 'वेत्तरी' (Vettri) नामक एक साझा व्यावसायिक ब्रांड पेश करेगी। यह ब्रांड सहकारी समितियों द्वारा निर्मित उत्पादों को एक नई पहचान देगा और उनके मुनाफे में वृद्धि करेगा।
बुनियादी ढांचे और पारदर्शिता में सुधार
सरकार ने बुनियादी ढांचे के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। किराए के परिसरों में चल रहे 150 सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) केंद्रों के लिए ₹15 करोड़ की लागत से नए स्थायी भवनों का निर्माण किया जाएगा। साथ ही, तिरुवारूर जिले के कुथानल्लूर तालुकम के अयकुडी गांव में ₹53 लाख की लागत से एक नया नीलामी केंद्र स्थापित किया जाएगा।
BozokMedia विश्लेषण: क्यों महत्वपूर्ण है यह कदम?
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, तमिलनाडु सरकार का यह कदम न केवल ग्रामीण ऋण उपलब्धता को सुधारेगा, बल्कि सहकारी क्षेत्र के माध्यम से सीधे तौर पर आम जनता और छोटे उद्यमियों को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ेगा। 'वेत्तरी' ब्रांड का उदय सहकारी उत्पादों के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, 100 उचित मूल्य की दुकानों पर एलईडी बोर्ड लगाए जाएंगे और आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई करने वाले वाहनों के लिए ₹2 करोड़ की लागत से रीयल-टाइम वाहन ट्रैकिंग सेवा शुरू की जाएगी।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: 'वेत्तरी' ब्रांड क्या है?
उत्तर: यह सहकारी समितियों द्वारा निर्मित उत्पादों की गुणवत्ता और बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए शुरू किया गया एक नया साझा ब्रांड है।
प्रश्न 2: किसानों को किस दर पर ऋण मिलेगा?
उत्तर: किसानों को कृषि-संबद्ध व्यवसाय शुरू करने के लिए 9% की ब्याज दर पर ऋण दिया जाएगा।