प्रसिद्ध अर्थशास्त्री रॉबर्ट रीच ने तर्क दिया है कि अमेरिकी राजनीति में कॉर्पोरेट समर्थित डेमोक्रेट्स का प्रभाव तेजी से कम हो रहा है, क्योंकि मतदाता अब कामगार वर्ग के अधिकारों के लिए लड़ने वाले प्रगतिशील उम्मीदवारों को चुन रहे हैं।
- अमेरिकी राजनीति में कॉर्पोरेट समर्थित 'एस्टेब्लिशमेंट' डेमोक्रेट्स का प्रभाव घट रहा है।
- मतदाता अब 'ट्रिकल-डाउन' अर्थशास्त्र के बजाय स्वास्थ्य सेवा, आवास और शिक्षा जैसे बुनियादी मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
- प्रगतिशील उम्मीदवारों की जीत यह दर्शाती है कि पैसा अब चुनावी परिणामों को पूरी तरह नियंत्रित नहीं कर सकता।
पूर्व श्रम सचिव और प्रसिद्ध अर्थशास्त्री रॉबर्ट रीच ने एक महत्वपूर्ण विश्लेषण में कहा है कि हम अंततः 'कॉर्पोरेट डेमोक्रेट्स' के पतन के साक्षी बन रहे हैं। रीच के अनुसार, अमेरिकी जनता अब उस कॉर्पोरेट लालच को पहचान चुकी है जो दशकों से राजनीति के केंद्र में रहा है।
डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल ने अमेरिकी कॉर्पोरेट अभिजात वर्ग के लालच और आम अमेरिकियों के प्रति उनकी अवमानना को पूरी तरह से उजागर कर दिया है। रीच का तर्क है कि ट्रंप ने वॉल स्ट्रीट के दिग्गजों और बड़े निगमों को मनमानी करने की छूट दी है, बशर्ते वे सत्ता का समर्थन करें। इस प्रक्रिया में, 'ट्रिकल-डाउन' अर्थशास्त्र का भ्रम टूट गया है और सच्चाई सामने आ गई है: कॉर्पोरेट दिग्गज अरबों कमाने के लिए आम कामगारों के हितों की बलि देने को तैयार हैं।
क्यों यह महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि यह केवल एक राजनीतिक बदलाव नहीं है, बल्कि एक संरचनात्मक बदलाव है। अमेरिकी मतदाता अब उन उम्मीदवारों की तलाश कर रहे हैं जो उनके लिए किफायती आवास, भोजन, स्वास्थ्य सेवा और बाल देखभाल सुनिश्चित कर सकें, न कि उन उम्मीदवारों की जो कॉर्पोरेट दानदाताओं के हितों की रक्षा करते हैं।
"अमेरिकी जनता समाजवाद नहीं चाहती, बल्कि वे ऐसे उम्मीदवार चाहते हैं जो कामगार वर्ग के लिए लड़ सकें।"
हाल ही में मिशिगन में डॉ. अब्दुल एल-सैयद की जीत इस बदलाव का एक ज्वलंत उदाहरण है। एल-सैयद ने हेले स्टीवंस के खिलाफ जीत हासिल की, जबकि स्टीवंस को सुपर पैक्स (Super PACs) और कॉर्पोरेट धन का भारी समर्थन प्राप्त था। आंकड़ों के अनुसार, स्टीवंस के पक्ष में प्रति वोट लगभग $95 खर्च किए गए, जबकि एल-सैयद के लिए यह राशि केवल $9 थी। यह स्पष्ट करता है कि भारी धनबल के बावजूद, मतदाता अब जनहित के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: कॉर्पोरेट डेमोक्रेट्स का उदय 1980 के दशक की शुरुआत में हुआ था, जब डेमोक्रेटिक पार्टी ने भी रिपब्लिकन की तरह बड़े निगमों से अभियान वित्तपोषण प्राप्त करना शुरू कर दिया था। तब से, पार्टी का झुकाव मध्यम और उच्च वर्ग के हितों की ओर अधिक रहा है, जिसे अब प्रगतिशील लहर चुनौती दे रही है।
Frequently Asked Questions
1. 'कॉर्पोरेट डेमोक्रेट्स' से क्या तात्पर्य है?
ये वे डेमोक्रेटिक नेता हैं जो बड़े निगमों और वॉल स्ट्रीट से भारी चंदा प्राप्त करते हैं और अक्सर कॉर्पोरेट हितों के अनुकूल नीतियां बनाते हैं।
2. प्रगतिशील डेमोक्रेट्स की मांगें क्या हैं?
वे मुख्य रूप से 'मेडिकेयर फॉर ऑल', दवाओं की कम लागत, कॉर्पोरेट राजनीतिक धन पर प्रतिबंध और कामगार वर्ग के लिए किफायती आवास की मांग करते हैं।