पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने जादवपुर विश्वविद्यालय में छात्र संगठनों के बीच हिंसा के बाद 'सर्जिकल स्ट्राइक' की चेतावनी दी है। ABVP और SFI के बीच झड़प के बाद विश्वविद्यालय परिसर में तनाव का माहौल बना हुआ है।
- ABVP और SFI समर्थकों के बीच जादवपुर विश्वविद्यालय परिसर में हिंसक झड़प हुई।
- मंत्री दिलीप घोष ने 'देश विरोधी' नारेबाजी होने पर दोबारा 'सर्जिकल स्ट्राइक' करने की धमकी दी।
- विश्वविद्यालय प्रशासन पर कैंपस में घुसपैठ के मामले में पुलिस शिकायत दर्ज न करने का आरोप लगा है।
पश्चिम बंगाल के पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने जादवपुर विश्वविद्यालय (Jadavpur University) में बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच एक बेहद विवादास्पद बयान दिया है। घोष ने चेतावनी दी है कि यदि विश्वविद्यालय परिसर में फिर से 'देश विरोधी' नारे लगाए गए, तो वहां दोबारा 'सर्जिकल स्ट्राइक' की जाएगी।
यह बयान उस समय आया है जब बुधवार, 19 अगस्त, 2026 को विश्वविद्यालय परिसर के भीतर ABVP (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) और वामपंथी छात्र संघों, जिनमें SFI (स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया) और AIDSO शामिल हैं, के समर्थकों के बीच हिंसक झड़पें हुईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ABVP समर्थकों ने कथित तौर पर विश्वविद्यालय परिसर में जबरन प्रवेश किया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
क्यों महत्वपूर्ण है यह घटना?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह घटना केवल एक छात्र संघर्ष नहीं है, बल्कि पश्चिम बंगाल में बदलती राजनीतिक शक्ति संतुलन का संकेत है। दिलीप घोष का 'सर्जिकल स्ट्राइक' वाला बयान शैक्षणिक संस्थानों में राजनीतिक हस्तक्षेप और उग्रता की एक नई लहर की ओर इशारा करता है। यह विवाद विश्वविद्यालय की स्वायत्तता और कैंपस की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
'यदि देश विरोधी आंदोलन फिर से देखे गए या नारे लगाए गए, तो फिर से सर्जिकल स्ट्राइक होगी।' - दिलीप घोष
इस घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, 21 अगस्त की सुबह तक प्रशासन ने ABVP कार्यकर्ताओं द्वारा परिसर में अवैध घुसपैठ के मामले में कोई औपचारिक पुलिस शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। हालांकि, एक छात्र द्वारा जादवपुर पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
जादवपुर विश्वविद्यालय लंबे समय से छात्र राजनीति और वैचारिक संघर्षों का केंद्र रहा है। वामपंथी विचारधारा और दक्षिणपंथी छात्र संगठनों के बीच का यह संघर्ष दशकों पुराना है। हाल के वर्षों में, राज्य में राजनीतिक सत्ता के बदलते समीकरणों ने इन संघर्षों को और अधिक उग्र बना दिया है।
वामपंथी नेता मो. सलीम ने इस हिंसा को छात्रों और शिक्षकों के खिलाफ घोषित युद्ध करार दिया है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने भी ABVP समर्थकों द्वारा परिसर में जबरन प्रवेश की आलोचना की है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: जादवपुर विश्वविद्यालय में विवाद का मुख्य कारण क्या है?
उत्तर: विवाद का मुख्य कारण ABVP और SFI समर्थकों के बीच कैंपस में घुसपैठ और नारेबाजी को लेकर हुई झड़प है।
प्रश्न 2: मंत्री दिलीप घोष ने क्या धमकी दी है?
उत्तर: उन्होंने कहा है कि यदि परिसर में देश विरोधी नारे लगाए गए, तो वहां 'सर्जिकल स्ट्राइक' की जाएगी।