भाजपा ने राहुल गांधी के संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पर किए गए धरने को कांग्रेस की राजनीतिक हताशा और 'वंदे मातरम' विवाद से जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास बताया है। जेपी नड्डा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा जांच समिति गठित किए जाने के बावजूद यह प्रदर्शन केवल मीडिया कवरेज पाने के लिए है।

  • भाजपा ने राहुल गांधी के धरने को 'वंदे मातरम' विवाद से ध्यान भटकाने की कोशिश करार दिया।
  • जेपी नड्डा ने इसे कांग्रेस की राजनीतिक हताशा और मीडिया कवरेज पाने की भूख बताया।
  • सुप्रीम कोर्ट ने 20 जुलाई की घटना की जांच के लिए पांच सदस्यीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन किया है।
  • भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी पर अराजकता की राजनीति करने का आरोप लगाया।

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 'वंदे मातरम' विवाद के कारण घिरने के बाद, संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पर धरना देकर जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास किया है। राहुल गांधी ने 19 वर्षीय साहिल लोचब को हुई पेलेट चोटों के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग को लेकर यह प्रदर्शन किया था।

राजनीतिक हताशा का प्रतीक: जेपी नड्डा

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने इस कदम को "सस्ता और भटकाने वाला राजनीतिक खेल" बताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का आज का विरोध न तो छात्रों के लिए है और न ही न्याय के लिए; बल्कि यह कांग्रेस पार्टी की राजनीतिक हताशा और राहुल गांधी की 'फुटेज' पाने की अतृप्त भूख का प्रतीक है।

नड्डा ने इस बात पर जोर दिया कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही 20 जुलाई की घटना का संज्ञान ले लिया है और एक पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन किया है। उन्होंने सवाल किया, "जब देश की सर्वोच्च अदालत मामले की जांच कर रही है, तो राहुल गांधी कैमरों के सामने पुलिस स्टेशन के बाहर बैठकर क्या साबित करना चाहते हैं? क्या विपक्ष के नेता को देश की न्यायपालिका पर विश्वास नहीं है?"

'वंदे मातरम' विवाद और कांग्रेस पर हमला

भाजपा नेताओं का तर्क है कि कांग्रेस पूरे देश में 'वंदे मातरम' के मुद्दे पर सवालों के घेरे में है। पार्टी पर आरोप है कि वह राष्ट्रीय गीत के अपमान के मुद्दे से बचने के लिए इस तरह के प्रदर्शनों का सहारा ले रही है। नड्डा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस पुराने बयान को दोहराया जिसमें कांग्रेस को एक 'परजीवी' पार्टी कहा गया था।

अराजकता की राजनीति का आरोप

पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद रवि शंकर प्रसाद ने भी राहुल गांधी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति के धरना देना अराजकता की राजनीति है। उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि कांग्रेस का 'वंदे मातरम' पर रुख उसी मानसिकता को दर्शाता है जो 1937 में मुस्लिम लीग के दबाव में केवल दो छंद गाने का निर्णय लेती थी।

भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस अब छात्रों के भविष्य को दांव पर लगाकर केवल राजनीतिक लाभ प्राप्त करने की कोशिश कर रही है।
क्या आप जानते हैं?: 'वंदे मातरम' भारत का राष्ट्रीय गीत है, जिसे बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने लिखा था और यह स्वतंत्रता संग्राम का एक प्रमुख प्रतीक रहा है।

Frequently Asked Questions

1. राहुल गांधी ने धरना क्यों दिया?
राहुल गांधी ने 20 जुलाई के विरोध प्रदर्शन के दौरान 19 वर्षीय साहिल लोचब को हुई पेलेट चोटों के मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग के लिए धरना दिया।

2. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में क्या किया है?
सुप्रीम कोर्ट ने 20 जुलाई की घटना की जांच के लिए एक पूर्व न्यायाधीश के नेतृत्व में पांच सदस्यीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन किया है।