भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने तेलंगाना की कांग्रेस सरकार पर आंध्र प्रदेश को कृष्णा नदी का पानी डायवर्ट करने देने का आरोप लगाया है। पूर्व मंत्री जी. जगदीश रेड्डी ने कहा कि सरकार किसानों के हितों की रक्षा करने में विफल रही है।

  • BRS ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने आंध्र प्रदेश को कृष्णा नदी का पानी डायवर्ट करने की अनुमति दी।
  • नगार्जुन सागर और श्रीशैलम जलाशयों से पानी के अत्यधिक दोहन का दावा किया गया।
  • पूर्व मंत्री जी. जगदीश रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना के किसान संकट में हैं।

तेलंगाना की राजनीति में जल विवाद एक बार फिर गरमा गया है। भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने राज्य की वर्तमान कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि सरकार की ढिलाई के कारण आंध्र प्रदेश, कृष्णा नदी के साझा जलाशयों—श्रीशैलम और नागार्जुन सागर—से भारी मात्रा में पानी निकाल रहा है।

नलगोंडा में मीडिया से बात करते हुए, पूर्व मंत्री और सूर्यपेट के विधायक जी. जगदीश रेड्डी ने कहा कि कांग्रेस के मंत्री इस पूरी प्रक्रिया में 'मूकदर्शक' बने हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि आंध्र प्रदेश पोथिरेड्डीपाडु हेड रेगुलेटर (PRP-HR) के माध्यम से पानी खींच रहा है, जबकि नियमों के अनुसार यह पानी तभी निकाला जा सकता है जब नागार्जुन सागर जलाशय 'सरप्लस' (अतिरिक्त) स्थिति में हो।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि अंतर-राज्यीय जल विवाद न केवल राजनीतिक बल्कि कृषि और आर्थिक स्थिरता के लिए भी बड़ा खतरा हैं। यदि कृष्णा नदी के पानी का प्रबंधन सही ढंग से नहीं किया गया, तो तेलंगाना के कई जिलों में सिंचाई संकट पैदा हो सकता है, जिसका सीधा असर खाद्य सुरक्षा पर पड़ेगा।

जल प्रबंधन में देरी का मतलब है किसानों की फसलों का विनाश और भविष्य के कृषि संकट का आमंत्रण।

जगदीश रेड्डी ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि पिछली BRS सरकार के कार्यकाल में, कम पानी होने के बावजूद, सागर आयक्यूट (Sagar ayacut) को लगातार 17 सीजन तक पानी दिया गया था। इसके विपरीत, वर्तमान स्थिति में आंध्र प्रदेश ने कथित तौर पर 148 tmc ft पानी का डायवर्जन कर लिया है, जिससे तेलंगाना के लेफ्ट कैनाल के किसान बेहाल हैं।

आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार सुबह नागार्जुन सागर का जल स्तर 532 फीट (172 tmc ft) था, जबकि इसकी क्षमता 590 फीट (312 tmc ft) है। इतनी मात्रा में पानी पर्याप्त था, लेकिन कांग्रेस सरकार की कथित निष्क्रियता के कारण किसानों को उनकी नियति पर छोड़ दिया गया है।

Did You Know?: कृष्णा नदी भारत की प्रमुख नदियों में से एक है जो दक्षिण भारत की कृषि अर्थव्यवस्था की जीवन रेखा मानी जाती है।

Frequently Asked Questions

1. BRS का मुख्य आरोप क्या है?
BRS का आरोप है कि कांग्रेस सरकार ने आंध्र प्रदेश को कृष्णा नदी के जलाशयों से नियम विरुद्ध तरीके से पानी निकालने की अनुमति दे दी है।

2. जल स्तर की वर्तमान स्थिति क्या है?
नागार्जुन सागर का वर्तमान स्तर 532 फीट है, जो इसकी कुल क्षमता से काफी कम है।