सीजेपी विरोध प्रदर्शन के दौरान पेलेट की चपेट में आए 19 वर्षीय साहिल लोचब के लिए न्याय की लड़ाई तेज हो गई है। राहुल गांधी ने पुलिस स्टेशन के बाहर धरना देकर एफआईआर दर्ज न करने पर कड़ा विरोध जताया है।
- 19 वर्षीय छात्र साहिल लोचब को पेलेट हमले में आंखों की गंभीर चोट आई है।
- राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज करने से इनकार करने के खिलाफ धरना दिया।
- पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस उन्हें एक थाने से दूसरे थाने घुमा रही है।
- कांग्रेस नेता ने पेलेट हमले की घटना की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
नई दिल्ली में सीजेपी (Cockroach Janta Party) विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। 19 वर्षीय साहिल लोचब, जो दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग के छात्र हैं, पेलेट हमले के कारण अपनी आंखों की रोशनी खोने की कगार पर हैं। साहिल की मां, ज्योति, पिछले कई दिनों से न्याय की गुहार लेकर एक पुलिस स्टेशन से दूसरे स्टेशन भटक रही हैं।
शुक्रवार को, संसद स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर एक भावुक दृश्य देखने को मिला। साहिल की मां ने मीडिया से बात करते हुए पुलिस के दावों पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा, "अगर कोई गोली नहीं चलाई गई, तो मेरे बेटे को पेलेट्स से चोट कैसे लगी?" पुलिस का कहना है कि कोई फायरिंग नहीं हुई, लेकिन साहिल के चेहरे और आंखों पर पेलेट्स के गहरे निशान इस दावे को चुनौती दे रहे हैं।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that this incident highlights the increasing tension between law enforcement and protesters in the national capital. The refusal to register an FIR in a case involving severe physical injury raises significant questions regarding police accountability and the protection of civil liberties during public demonstrations.
"यह मामला केवल एक छात्र की चोट का नहीं है, बल्कि यह पुलिस की जवाबदेही और नागरिक अधिकारों के संरक्षण का एक गंभीर परीक्षण है।"
साहिल लोचब ने बताया कि वह 2024 में दिल्ली पुलिस भर्ती परीक्षा में पेपर लीक के कारण हुए व्यवधान से निराश थे, जिसके बाद उन्होंने विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का निर्णय लिया। 20 जुलाई को कनॉट प्लेस में विरोध के दौरान अचानक हुई हिंसा ने उनका जीवन बदल दिया। उन्होंने बताया कि सुरक्षा बल उनकी ओर दौड़ रहे थे और तभी अचानक उनके चेहरे पर कुछ लगा और वह गिर पड़े।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने संसद स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर धरना शुरू कर दिया है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस और गृह मंत्रालय न्याय करने के बजाय पीड़ित परिवार को परेशान कर रहे हैं। उन्होंने लेडी हार्डिंग अस्पताल की मेडिको-लीगल रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि साहिल के चेहरे और अंगों पर पेलेट्स के कई छेद (puncture wounds) हैं।
इस विरोध प्रदर्शन में प्रियंका गांधी वाड्रा, जयराम रमेश, और अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेता भी शामिल हुए। पुलिस अधिकारियों ने धरना प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक नारेबाजी करते हुए सड़क पर डटे रहे।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: साहिल लोचब को चोट कैसे लगी?
उत्तर: साहिल को 20 जुलाई को सीजेपी विरोध प्रदर्शन के दौरान पेलेट हमले के कारण चेहरे और आंखों पर गंभीर चोटें आईं।
प्रश्न 2: राहुल गांधी का विरोध प्रदर्शन क्यों हो रहा है?
उत्तर: राहुल गांधी पुलिस द्वारा पेलेट हमले के मामले में एफआईआर दर्ज न करने और पीड़ित परिवार को न्याय न देने के विरोध में धरना दे रहे हैं।