झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों ने रांची, हजारीबाग और गिरिडीह में उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले जलाने की कोशिश की, जिससे पुलिस के साथ हिंसक झड़पें हुईं।

  • झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का व्यापक विरोध प्रदर्शन।
  • रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प।
  • मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राहुल गांधी के पुतले जलाने का प्रयास।
  • हजारीबाग और गिरिडीह में भी JMM कार्यकर्ताओं और छात्रों के बीच संघर्ष की खबरें।

रांची, झारखंड: झारखंड में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रियाओं में कथित धांधली को लेकर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को राज्य की राजधानी रांची के प्रमुख अल्बर्ट एक्का चौक पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब 'JPSC-JSSC सुधार मंच' के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले जलाने का प्रयास किया।

इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य कारण झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा 11वीं और 13वीं JPSC परीक्षाओं के साथ-साथ JSSC-CGL परीक्षा के कुछ अधिसूचनाओं को रद्द करने पर लगाई गई रोक है। छात्र नेताओं का आरोप है कि सरकार ने नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के साथ 'धोखाधड़ी' और 'विश्वासघात' किया है।

क्यों यह मामला महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह विरोध केवल एक स्थानीय मुद्दा नहीं है, बल्कि यह राज्य के युवाओं के भविष्य और प्रशासनिक पारदर्शिता के बीच बढ़ते अविश्वास का प्रतीक है। भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की कमी राज्य की राजनीतिक स्थिरता और सामाजिक व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है।

भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता के आरोप न केवल छात्रों का भविष्य अंधकारमय करते हैं, बल्कि यह शासन प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े करते हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जब पुलिस ने छात्रों को पुतले जलाने से रोकने की कोशिश की, तो स्थिति बेकाबू हो गई और दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प हुई। इसी दौरान वहां मौजूद झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच भी तीखी झड़पें देखने को मिलीं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

झारखंड में पिछले कुछ वर्षों में भर्ती परीक्षाओं (JPSC और JSSC) को लेकर विवादों का सिलसिला कम नहीं हुआ है। अनियमितताओं के आरोपों के कारण कई बार परीक्षाओं को रद्द करना पड़ा है और अदालती हस्तक्षेप की आवश्यकता पड़ी है, जिससे हजारों उम्मीदवारों का करियर अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है।

हजारीबाग और गिरिडीह से भी इसी तरह की झड़पों की सूचना मिली है, जहाँ छात्रों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास किए।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: छात्र किस परीक्षा के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं?
उत्तर: छात्र मुख्य रूप से JPSC और JSSC-CGL परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं।

प्रश्न 2: प्रदर्शनकारियों ने किन नेताओं के पुतले जलाने की कोशिश की?
उत्तर: प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले जलाने का प्रयास किया।

Did You Know?: झारखंड में सरकारी नौकरियों के लिए होने वाली JPSC और JSSC परीक्षाएं राज्य के लाखों युवाओं के लिए करियर का मुख्य आधार हैं।