पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने शरद पवार को एनडीए के साथ जाने से बचने की सलाह दी है, जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए सुप्रिया सुले ने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा है।
- पृथ्वीराज चव्हाण ने शरद पवार को 'मनुस्मृति विचारधारा' वाले समूहों से दूर रहने की सलाह दी।
- सुप्रिया सुले ने कहा कि कांग्रेस नेता एनसीपी (एसपी) को गलत तरीके से समझते हैं।
- चव्हाण ने भविष्यवाणी की कि 2029 तक केंद्र में सत्ता परिवर्तन निश्चित है।
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। अटकलों के बीच कि पवार एनडीए (NDA) के साथ हाथ मिला सकते हैं, चव्हाण ने आग्रह किया है कि पार्टी को महा विकास अघाड़ी (MVA) और इंडिया (INDIA) गठबंधन के साथ ही बने रहना चाहिए।
विचारधारा की लड़ाई
नासिक में मीडिया से बात करते हुए चव्हाण ने कहा, “शरद पवार एक वामपंथी विचारधारा के नेता हैं और वे फुले-शाहू-अंबेडकर के दर्शन में विश्वास करते हैं। उन्हें उन लोगों के साथ नहीं जाना चाहिए जो मनुस्मृति की विचारधारा में विश्वास रखते हैं।” चव्हाण का यह बयान सीधे तौर पर भाजपा और एनडीए की विचारधारा पर प्रहार माना जा रहा है।
इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए एनसीपी (एसपी) की सांसद सुप्रिया सुले ने कांग्रेस के भीतर के तालमेल पर सवाल उठाए। सुले ने कहा कि महाराष्ट्र के कांग्रेस नेता हमेशा उनकी पार्टी को गलत नजरिए से देखते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि यह समस्या इसलिए है क्योंकि राज्य के नेताओं और दिल्ली में बैठे कांग्रेस नेतृत्व के बीच समन्वय की कमी है।
राजनीतिक गलियारों में यह खींचतान दर्शाती है कि गठबंधन के भीतर वैचारिक मतभेद अब खुलकर सामने आने लगे हैं।
सत्ता परिवर्तन की भविष्यवाणी
चव्हाण ने केवल गठबंधन तक ही बात सीमित नहीं रखी, बल्कि उन्होंने केंद्र में होने वाले बड़े राजनीतिक बदलाव की भी भविष्यवाणी की। उन्होंने कहा कि देश में सत्ता का परिवर्तन निश्चित है, लेकिन यह किसी पार्टी की वजह से नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन के कारण होगा।
चव्हाण का दावा है कि मोदी 2029 में प्रधानमंत्री नहीं होंगे और इसी कारण से वर्तमान में चेहरे बदलने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यहाँ तक संकेत दिया कि अमित शाह उप प्रधानमंत्री बनने की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।
ऐतिहासिक संदर्भ: महाराष्ट्र की बदलती राजनीति
महाराष्ट्र में गठबंधन की राजनीति हमेशा से अस्थिर रही है। पिछले कुछ वर्षों में शिवसेना और एनसीपी के विभाजन ने राज्य के राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है। शरद पवार, जो दशकों से राज्य के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक रहे हैं, उनके किसी भी संभावित कदम का असर न केवल महाराष्ट्र बल्कि राष्ट्रीय स्तर के गठबंधन पर भी पड़ेगा।
Frequently Asked Questions
1. पृथ्वीराज चव्हाण ने शरद पवार को क्या सलाह दी?
चव्हाण ने सलाह दी कि पवार को एनडीए के साथ जाने के बजाय महा विकास अघाड़ी और इंडिया गठबंधन के साथ रहना चाहिए।
2. सुप्रिया सुले ने चव्हाण के बयान पर क्या कहा?
सुले ने कहा कि कांग्रेस नेता एनसीपी (एसपी) को गलत समझ रहे हैं और यह केंद्रीय नेतृत्व के साथ समन्वय की कमी का परिणाम है।