आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली सरकार की 'विद्या वाहिनी योजना' में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए ACB में शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि साइकिलों की खरीद में नियमों की अनदेखी कर सरकारी खजाने को करोड़ों का नुकसान पहुंचाया गया है।

  • AAP विधायक संजीव झा ने ACB में शिकायत दर्ज कराई है।
  • ₹90 करोड़ के साइकिल टेंडर में धांधली और बिड-रिगिंग के गंभीर आरोप।
  • साइकिल की कीमतों में भारी अंतर और घटिया गुणवत्ता का दावा।
  • शिक्षा विभाग के अधिकारियों और निजी फर्म के खिलाफ FIR की मांग।

दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर भ्रष्टाचार का मुद्दा गरमा गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के बुराड़ी से विधायक संजीव झा ने शुक्रवार को दिल्ली पुलिस की भ्रष्टाचार विरोधी शाखा (ACB) में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। इस शिकायत में दिल्ली सरकार की प्रतिष्ठित 'विद्या वाहिनी योजना' के तहत कक्षा 9 की छात्राओं के लिए साइकिल वितरण में भारी अनियमितताओं का दावा किया गया है।

AAP का आरोप है कि शिक्षा निदेशालय (DoE) द्वारा जारी ₹90 करोड़ के टेंडर में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार, बिड-रिगिंग (बोली में हेरफेर) और उत्पादों के प्रतिस्थापन (product substitution) का खेल खेला गया है। शिकायत के अनुसार, 1,30,000 साइकिलों की खरीद प्रक्रिया में सरकारी अधिकारियों ने निजी संस्थाओं के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि यह मामला केवल एक टेंडर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। यदि ये आरोप सही साबित होते हैं, तो यह दिल्ली के शिक्षा विभाग और शासन व्यवस्था की विश्वसनीयता को भारी चोट पहुंचा सकता है।

साइकिल वितरण योजना का उद्देश्य छात्राओं को सशक्त बनाना था, लेकिन आरोपों के अनुसार इसे निजी लाभ का जरिया बना दिया गया है।

शिकायत में विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि माउंटेन टेरेन बाइसिकल (MTB) के लिए अनुमानित लागत ₹6,923 प्रति यूनिट लगाई गई, जबकि बाजार में समान गुणवत्ता वाली साइकिलें ₹4,100 में उपलब्ध हैं। इस अंतर के कारण राज्य के खजाने को लगभग ₹36.70 करोड़ का नुकसान होने का अनुमान है। इसके अलावा, आरोप है कि टेंडर की शर्तों को इस तरह बनाया गया कि पंजाब के लुधियाना जैसे प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब बाहर हो जाएं।

मामले में निजी फर्म Matta Sports Private Limited की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। AAP का दावा है कि इस फर्म ने पहले कभी साइकिल का निर्माण या बिक्री नहीं की है। साथ ही, यह भी आरोप लगाया गया है कि जो मॉडल (Hero Skyler 26T) टेंडर में तय था, उसकी जगह घटिया गुणवत्ता वाली 'Hero Bonfire 26T' का उपयोग किया जा रहा है, जिसमें टायर और ब्रेक असेंबली मानक के अनुरूप नहीं हैं।

दूसरी ओर, शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि पूरी प्रक्रिया 'GeM' पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी तरीके से की गई है। उन्होंने AAP पर आंकड़ों के साथ हेरफेर करने और बार-बार अपने आरोपों को बदलने का आरोप लगाया है।

Did You Know?: 'विद्या वाहिनी योजना' का मुख्य लक्ष्य छात्राओं की स्कूल उपस्थिति बढ़ाना और उनकी शिक्षा में आने वाली बाधाओं को दूर करना है।

Frequently Asked Questions

1. AAP ने ACB से क्या मांग की है?
AAP ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों और संबंधित निजी फर्म के खिलाफ आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के लिए FIR दर्ज करने की मांग की है।

2. सरकार का इस पर क्या रुख है?
सरकार का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह वैध है और AAP केवल राजनीतिक लाभ के लिए गलत आंकड़े पेश कर रही है।