BRS नेता टी. हरीश राव ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस सरकार ने आसान कमाई के लिए बोडुप्पाल के कई इलाकों को धारा 22A की प्रतिबंधित सूची में डाल दिया है।

  • BRS नेता टी. हरीश राव ने सरकार पर भूमि पंजीकरण में धांधली का आरोप लगाया।
  • बोडुप्पाल के लगभग 1,500 परिवार धारा 22A के कारण संकट में हैं।
  • आरोप है कि सत्ताधारी नेताओं के लिए 'कमीशन' कमाने हेतु यह विवाद पैदा किया गया है।

हैदराबाद के बोडुप्पाल क्षेत्र में भूमि पंजीकरण से संबंधित एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। विधानसभा में भारत राष्ट्र समिति (BRS) के उप फ्लोर लीडर टी. हरीश राव ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि सरकार ने कुछ भूखंडों को जानबूझकर पंजीकरण अधिनियम की धारा 22A के तहत प्रतिबंधित सूची में शामिल किया है।

शनिवार को बोडुप्पाल के तिरुमला मेडोज़, लक्ष्मी गणपति कॉलोनी और हेमा नगर के निवासियों ने अपनी समस्याओं को लेकर हरीश राव से मुलाकात की। इन निवासियों का कहना है कि वे पिछले 30 वर्षों से बिना किसी विवाद के सर्वे नंबर 215 और उसके हिस्सों में बने घरों और अपार्टमेंट में शांति से रह रहे हैं।

क्यों महत्वपूर्ण है यह विवाद?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि धारा 22A के तहत भूमि को प्रतिबंधित करने का अर्थ है कि निवासी अपनी संपत्ति को कानूनी रूप से बेच या हस्तांतरित नहीं कर सकते। इससे हजारों परिवारों की संपत्ति का मूल्य गिर जाता है और वे वित्तीय संकट में फंस जाते हैं।

सरकार द्वारा अचानक किए गए ये बदलाव केवल प्रशासनिक त्रुटि नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश प्रतीत होती है।

हरीश राव ने आरोप लगाया कि सरकार ने रातों-रात इन सर्वे नंबरों को प्रतिबंधित सूची में डाल दिया। यह बात तब सामने आई जब निवासियों ने पारिवारिक जरूरतों के लिए अपनी संपत्ति बेचने की कोशिश की और पंजीकरण कार्यालय में उन्हें झटका लगा।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: पंजीकरण अधिनियम की धारा 22A सरकार को उन भूमियों को सूचीबद्ध करने की शक्ति देती है जो विवादित हैं या सरकारी नियंत्रण में हैं। हालांकि, विपक्ष का दावा है कि इस शक्ति का दुरुपयोग निजी लाभ के लिए किया जा रहा है।

विवाद का मुख्य कारण

क्षेत्रप्रभावित परिवारविवाद का आधार
बोडुप्पाल (तिरुमला मेडोज़ आदि)~1,500सर्वे नंबर 215 का अचानक 22A में शामिल होना

राव ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस 'गलती' को सुधार कर इन सर्वेक्षण नंबरों को प्रतिबंधित सूची से बाहर नहीं निकाला, तो BRS इस मुद्दे पर बड़े पैमाने पर आंदोलन करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब इसलिए किया गया है ताकि सत्ताधारी दल के कुछ नेता और उनके बेनामी लोग 30% तक का 'कमीशन' वसूल सकें।

Did You Know?: धारा 22A के तहत आने वाली जमीन को बिना सरकारी अनुमति के रजिस्टर नहीं किया जा सकता, जिससे संपत्ति की तरलता खत्म हो जाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. धारा 22A क्या है? यह पंजीकरण अधिनियम का वह हिस्सा है जो कुछ विशिष्ट भूमियों के पंजीकरण को प्रतिबंधित करता है।

2. निवासियों को क्या समस्या हो रही है? वे अपनी संपत्ति को कानूनी रूप से बेच नहीं पा रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।