मुंबई में ₹17,000 करोड़ के सड़क सुदृढ़ीकरण प्रोजेक्ट के बावजूद मानसून के दौरान 8,000 से अधिक गड्ढों की शिकायतें दर्ज की गई हैं। पूर्वी उपनगर सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र बनकर उभरे हैं।
- दो महीनों के भीतर मुंबई में 8,032 गड्ढों की शिकायतें दर्ज की गईं।
- पूर्वी उपनगरों (भांडुप और मानखुर्द) में गड्ढों की समस्या सबसे गंभीर है।
- BMC का दावा है कि कंक्रीटीकरण के कारण गड्ढों की गंभीरता में कमी आई है।
- ₹17,000 करोड़ के बजट के साथ सड़क कंक्रीटीकरण का काम जारी है।
मुंबई की सड़कों की स्थिति एक बार फिर चिंता का विषय बन गई है। मानसून की शुरुआत के साथ ही शहरवासियों ने सड़कों पर बने गड्ढों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) द्वारा ₹17,000 करोड़ के महत्वाकांक्षी सड़क कंक्रीटीकरण प्रोजेक्ट पर काम किए जाने के बावजूद, पिछले दो महीनों में 8,000 से अधिक गड्ढों की शिकायतें प्राप्त हुई हैं।
आंकड़ों के अनुसार, 10 जून से 20 अगस्त के बीच शहर के 26 वार्डों में कुल 8,032 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 7,829 का समाधान किया जा चुका है। पिछले वर्ष की तुलना में यह संख्या लगभग समान है, लेकिन प्रशासन का तर्क है कि इस साल गड्ढों की गहराई और गंभीरता कम हुई है।
प्रमुख प्रभावित क्षेत्र
शिकायतों के वितरण से पता चलता है कि मुंबई के पूर्वी उपनगर इस समस्या से सबसे अधिक जूझ रहे हैं। S वार्ड (भांडुप) में सर्वाधिक 471 शिकायतें मिलीं, जबकि M/East वार्ड (गोवंडी, देवनार और मानखुर्द) में 461 शिकायतें दर्ज की गईं। इसके विपरीत, दक्षिण मुंबई के पॉश इलाकों जैसे Churchgate (A वार्ड) में केवल 61 शिकायतें दर्ज की गईं।
| वार्ड का नाम | शिकायतों की संख्या | क्षेत्र (Area) |
|---|---|---|
| S वार्ड | 471 | भांडुप |
| M/East वार्ड | 461 | गोवंडी, मानखुर्द |
| M/West वार्ड | 374 | चेम्बूर, तिलक नगर |
| L वार्ड | 357 | कुर्ला, साकी नाका |
| A वार्ड | 61 | चर्चगेट, फोर्ट |
BMC के अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश शिकायतें उन जगहों से आ रही हैं जहाँ हाल ही में उपयोगिता कार्यों (utility works) के लिए खुदाई की गई थी। जब इन गड्ढों को भरा जाता है और मिट्टी बैठती है, तो वे फिर से गड्ढों का रूप ले लेते हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारी निवेश के बावजूद बुनियादी ढांचे की समस्या का बना रहना शहरी नियोजन और कार्यान्वयन में अंतराल को दर्शाता है। जब तक शहर की 2,050 किमी की सड़क नेटवर्क का कंक्रीटीकरण पूरा नहीं हो जाता, तब तक डामर (bituminous) वाली सड़कों पर मानसून के दौरान ऐसी समस्याएं आती रहेंगी।
कंक्रीटीकरण से गड्ढों की संख्या में कमी आई है, लेकिन डामर वाली सड़कों पर समस्या बनी रहेगी जब तक पूरा नेटवर्क कंक्रीट का नहीं हो जाता। - अश्विनी भिड़े, BMC कमिश्नर
BMC कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने स्वीकार किया कि हालांकि कंक्रीटीकरण ने स्थिति में सुधार किया है, लेकिन जो सड़कें अभी भी डामर वाली हैं, वहां गड्ढे एक बड़ी चुनौती बने हुए हैं। निगम ने इन समस्याओं के समाधान के लिए 24/7 कार्य करने वाली टीमों को तैनात किया है।
Frequently Asked Questions
1. मुंबई में सबसे ज्यादा गड्ढों की शिकायत किस इलाके में हुई?
सबसे अधिक शिकायतें पूर्वी उपनगरों में, विशेष रूप से भांडुप (S वार्ड) और मानखुर्द (M/East वार्ड) में दर्ज की गईं।
2. BMC गड्ढों को भरने के लिए क्या कर रही है?
BMC सड़क कंक्रीटीकरण कार्यक्रम चला रही है और गड्ढों को भरने के लिए 'मैस्टिक' तकनीक और विशेष मशीनों का उपयोग कर रही है।