कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मनुस्मृति के एक उद्धरण को महिलाओं की स्वतंत्रता के खिलाफ बताते हुए 'शर्मनाक' करार दिया है। इस बयान के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक जुबानी जंग तेज हो गई है।
- राहुल गांधी ने मनुस्मृति के हवाले से महिलाओं की स्थिति पर सवाल उठाए।
- उन्होंने कहा कि महिलाओं की पहचान केवल पिता, पति या पुत्र से नहीं होनी चाहिए।
- भाजपा ने राहुल गांधी के इस बयान की कड़ी आलोचना की है।
पुणे में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सामाजिक न्याय और महिला अधिकारों को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने प्राचीन ग्रंथ मनुस्मृति के एक विशेष उद्धरण का उल्लेख करते हुए इसे बेहद शर्मनाक बताया। गांधी ने तर्क दिया कि समाज में महिलाओं को हमेशा किसी न किसी पुरुष के अधीन रखने की जो मानसिकता रही है, वह आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा, "मनुस्मृति कहती है कि महिला कभी स्वतंत्र न हो। वह अपने पिता, पति और पुत्र के अधीन रहे। यह सोच शर्मनाक है। देश की लड़कियों का आजाद होना जरूरी है। उनका रिश्ता पिता, पति या बेटे से हो सकता है, लेकिन उनकी अपनी एक स्वतंत्र पहचान होनी चाहिए।" उनके इस बयान ने देश में लैंगिक समानता (Gender Equality) की बहस को फिर से गरमा दिया है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह मुद्दा केवल एक धार्मिक ग्रंथ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत के सामाजिक ताने-बाने और संवैधानिक मूल्यों के बीच के संघर्ष को दर्शाता है। राहुल गांधी का यह बयान सीधे तौर पर उस विचारधारा पर प्रहार करता है जिसे वे पितृसत्तात्मक और भेदभावपूर्ण मानते हैं।
महिलाओं की स्वायत्तता पर प्रहार करना सीधे तौर पर हमारे संवैधानिक ढांचे की नींव को चुनौती देना है।
इस बयान के तुरंत बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पलटवार किया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी जानबूझकर समुदायों के बीच विभाजन पैदा करने और धार्मिक ग्रंथों की गलत व्याख्या करने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का उद्देश्य केवल विवाद पैदा करना और हिंदू संस्कृति को बदनाम करना है।
ऐतिहासिक रूप से, मनुस्मृति को लेकर भारतीय राजनीति में अक्सर विवाद रहे हैं। जहाँ कुछ विद्वान इसे प्राचीन कानून मानते हैं, वहीं सामाजिक सुधारकों का एक बड़ा वर्ग इसे महिलाओं और निचली जातियों के प्रति भेदभावपूर्ण मानता है। राहुल गांधी का यह हमला इसी ऐतिहासिक संघर्ष का हिस्सा है।
Frequently Asked Questions
1. राहुल गांधी ने मनुस्मृति के बारे में क्या कहा?
राहुल गांधी ने कहा कि मनुस्मृति महिलाओं को स्वतंत्र रहने से रोकती है और उन्हें पुरुषों के अधीन रखती है, जो कि शर्मनाक है।
2. भाजपा की इस पर क्या प्रतिक्रिया थी?
भाजपा ने इसे विभाजनकारी राजनीति बताया और कहा कि राहुल गांधी धार्मिक ग्रंथों का अपमान कर रहे हैं।