केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने झारखंड में छात्रों पर हुए हमलों को लेकर राहुल गांधी को 'अवसरवादी' बताया और उन्हें रांची आकर छात्रों से मिलने की चुनौती दी। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में धांधली की जांच CBI से कराने की मांग की है।

  • केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने झारखंड सरकार पर छात्रों पर लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया।
  • राहुल गांधी को 'अवसरवादी' बताते हुए रांची आने की चुनौती दी।
  • झारखंड में पिछले 6 वर्षों की सभी भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच की मांग की।
  • JMM कार्यकर्ताओं पर छात्रों के साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया।

झारखंड के वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय राज्य मंत्री संजय सेठ ने शनिवार को रांची में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हमला किया और उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। सेठ ने इस घटना को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

भर्ती परीक्षाओं में धांधली का आरोप

संजय सेठ ने केवल हिंसा ही नहीं, बल्कि राज्य में भर्ती प्रक्रिया में व्याप्त भ्रष्टाचार को भी मुख्य मुद्दा बनाया। उन्होंने मांग की है कि झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा पिछले छह वर्षों में आयोजित की गई सभी भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के गलियारों में बैठे लोगों ने नौकरियां बेचने के नाम पर 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की उगाही की है।

संजय सेठ ने कहा, "अगर आप वास्तव में छात्रों की परवाह करते हैं, तो रांची आएं और छात्रों के साथ खड़े हों।"

राहुल गांधी पर निशाना

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, सेठ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने गांधी को 'अवसरवादी' करार देते हुए कहा कि झारखंड में छात्रों का खून बह रहा है, लेकिन उनकी चुप्पी राजनीतिक लाभ उठाने की मंशा को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी दिल्ली में रहकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि उन्हें छात्रों के बीच जाकर एकजुटता दिखानी चाहिए।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि झारखंड में छात्र आंदोलन अब एक बड़े राजनीतिक संघर्ष का रूप ले चुका है। भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की कमी और छात्रों के साथ हुई हिंसा ने राज्य की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मुद्दा आगामी चुनावों में एक निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने भी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने के लिए लाठी और डंडों का इस्तेमाल करना सत्ता के अहंकार का प्रतीक है। पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने भी सरकार पर आरोप लगाया कि वह CBI जांच से बचने के लिए परीक्षाओं को रद्द कर रही है।

Did You Know?: झारखंड में हाल के वर्षों में छात्र आंदोलनों ने राज्य की राजनीति और शासन व्यवस्था को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

Frequently Asked Questions

1. संजय सेठ ने किस एजेंसी से जांच की मांग की है?
संजय सेठ ने झारखंड की सभी भर्ती परीक्षाओं की जांच CBI से कराने की मांग की है।

2. राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाया गया है?
उन्हें छात्रों के मुद्दे पर मौन रहने और केवल राजनीतिक लाभ लेने के लिए 'अवसरवादी' कहा गया है।