एक संघीय अपील अदालत ने ट्रंप प्रशासन द्वारा नियुक्त अमेरिकी अटॉर्नी जॉन सारकोन III की नियुक्ति को अवैध घोषित कर दिया है, जिससे न्यूयॉर्क अटॉर्नी जनरल लेटीशिया जेम्स की जांच पर संकट खड़ा हो गया है।
- सेकंड सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स ने जॉन सारकोन III की नियुक्ति को गैरकानूनी करार दिया।
- इस फैसले से न्यूयॉर्क अटॉर्नी जनरल लेटीशिया जेम्स के खिलाफ चल रही जांच बाधित हो सकती है।
- कोर्ट ने कहा कि प्रशासन ने सीनेट की मंजूरी से बचने के लिए कानून का उल्लंघन किया है।
एक विभाजित संघीय अपील अदालत ने फैसला सुनाया है कि ट्रंप द्वारा नियुक्त अल्बानी के अमेरिकी अटॉर्नी अवैध रूप से कार्य कर रहे हैं। सेकंड सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स ने 2-1 के बहुमत से एक निचली अदालत के जनवरी के फैसले को बरकरार रखा, जिसमें कहा गया था कि जॉन सारकोन की नियुक्ति वैध नहीं है। इस फैसले का सीधा असर न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटीशिया जेम्स के खिलाफ चल रही जांच पर पड़ेगा।
यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ट्रंप प्रशासन द्वारा सीनेट की पुष्टि के बिना अमेरिकी अटॉर्नी नियुक्त करने की प्रक्रिया पर तीसरा बड़ा झटका है। न्याय विभाग (DOJ) ने इस फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वे इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाएंगे।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कानूनी लड़ाई केवल नियुक्तियों के बारे में नहीं है, बल्कि यह कार्यकारी शाखा की शक्तियों और विधायी नियंत्रण के बीच के संतुलन के बारे में है। यदि प्रशासन बिना सीनेट की मंजूरी के महत्वपूर्ण कानूनी पदों को भरता रहता है, तो यह संवैधानिक ढांचे के लिए एक मिसाल कायम कर सकता है।
प्रशासन द्वारा कानून की व्याख्या करना वास्तव में विधायी प्रक्रिया से बचने का एक प्रयास है, जिसे अदालत ने स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है।
अदालत ने पाया कि फेडरल वैकेंसीज रिफॉर्म एक्ट के तहत केवल वही व्यक्ति कार्यवाहक अटॉर्नी बन सकता है जो पद खाली होने के समय 'प्रथम सहायक' (First Assistant) के रूप में कार्यरत था। प्रशासन ने जानबूझकर नए लोगों को नियुक्त किया ताकि सीनेट की बाधाओं को दरकिनार किया जा सके।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
ऐतिहासिक रूप से, अमेरिकी अटॉर्नी के पदों पर नियुक्ति के लिए सीनेट की 'एडवाइस एंड कंसेंट' (सलाह और सहमति) अनिवार्य रही है। ट्रंप प्रशासन ने पिछले कुछ वर्षों में इस प्रक्रिया को बदलने के लिए 'एक्टिंग अटॉर्नी' मॉडल का व्यापक उपयोग किया है, जिसे अब विभिन्न सर्किट अदालतों द्वारा चुनौती दी जा रही है।
न्यायाधीश मारिया अराउजो कान के नेतृत्व वाले बहुमत ने कहा कि सरकार का तर्क कानून के मूल उद्देश्य को ही विफल कर देता है, जो कार्यकारी शाखा को नियमों से बचने से रोकने के लिए बनाया गया था। हालांकि, न्यायाधीश माइकल पार्क ने असहमति जताते हुए कहा कि कार्यकारी शाखा को संक्रमण काल के दौरान कार्य करने की आवश्यकता होती है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: इस फैसले का लेटीशिया जेम्स पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर: चूंकि सारकोन की नियुक्ति अवैध पाई गई है, इसलिए उनके द्वारा लेटीशिया जेम्स के खिलाफ की गई जांच और सबपोना (subpoena) को अदालत द्वारा रद्द किया जा सकता है।
प्रश्न 2: क्या न्याय विभाग इस फैसले को चुनौती देगा?
उत्तर: हाँ, न्याय विभाग ने स्पष्ट किया है कि वे इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में ले जाने की योजना बना रहे हैं।